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Rishikesh News: एलाइजा जांच मशीन उपलब्ध, लेकिन नहीं हो रही डेंगू की जांच
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एलाइजा जांच मशीन उपलब्ध, लेकिन नहीं हो रही डेंगू की जांच
जिले में डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। उप जिला अस्पताल विकासनगर में एलाइजा जांच की मशीन उपलब्ध है उसके बावजूद डेंगू की जांच नहीं की जा रही है। लक्षणों वाले मरीजों की रैपिड एंटीजन जांच की जा रही है और एलाइजा जांच के लिए अनुबंधित निजी लैब के माध्यम से नमूने देहरादून भेजे जा रहे हैं। उप जिला अस्पताल में अगर एलाइजा जांच शुरू हो तो पछवादून और जौनसार बावर के अन्य अस्पतालों को भी डेंगू की जांच रिपोर्ट जल्द मिलेगी।
उप जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब ट्रॉमा सेंटर में एक छोटे कमरे में चल रही थी। इसके चलते लैब में मशीन स्थापित नहीं की जा सकी। अब अस्पताल का नया पैथोलॉजी लैब भवन तैयार हो गया है। सभी मशीनों को नई लैब में स्थापित किया जा रहा है। जल्द ही नए भवन में लैब का संचालन शुरू हो जाएगा। अस्पताल के पास एलाइजा मशीन तो है पर जांच के लिए एलाइजा किट नहीं है।
डेंगू सीजन के चरम पर होने उप जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों की दैनिक जांच की संख्या 50 तक पहुंच जाती है। पीएचसी त्यूणी, सीएचसी चकराता, सीएचसी साहिया, पीएचसी कालसी, सीएचसी सहसपुर से भी रोजाना करीब 60 नमूनों की जांच होती है। अभी नमूनों को जांच के लिए अनुबंधित निजी लैब के माध्यम से देहरादून भेजा जाता है। उप जिला अस्पताल के नमूनों की रिपोर्ट आने में दो दिन लगते हैं। वहीं, अन्य अस्पतालों के लिए यही समय तीन से चार दिन हो जाता है। समय पर रिपोर्ट न मिलने के चलते मरीज जांच या उपचार के लिए देहरादून के सरकारी या निजी अस्पतालों में चले जाते हैं।
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कोट-- --
मुख्यालय को एलाइजा किट की मांग भेजी जा रही है। किट उपलब्ध होते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, अनुबंधित लैब के माध्यम से एलाइजा जांच कराई जा रही है। - डॉ. विजय सिंह, सीएमएस, उप जिला अस्पताल
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जिले में डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। उप जिला अस्पताल विकासनगर में एलाइजा जांच की मशीन उपलब्ध है उसके बावजूद डेंगू की जांच नहीं की जा रही है। लक्षणों वाले मरीजों की रैपिड एंटीजन जांच की जा रही है और एलाइजा जांच के लिए अनुबंधित निजी लैब के माध्यम से नमूने देहरादून भेजे जा रहे हैं। उप जिला अस्पताल में अगर एलाइजा जांच शुरू हो तो पछवादून और जौनसार बावर के अन्य अस्पतालों को भी डेंगू की जांच रिपोर्ट जल्द मिलेगी।
उप जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब ट्रॉमा सेंटर में एक छोटे कमरे में चल रही थी। इसके चलते लैब में मशीन स्थापित नहीं की जा सकी। अब अस्पताल का नया पैथोलॉजी लैब भवन तैयार हो गया है। सभी मशीनों को नई लैब में स्थापित किया जा रहा है। जल्द ही नए भवन में लैब का संचालन शुरू हो जाएगा। अस्पताल के पास एलाइजा मशीन तो है पर जांच के लिए एलाइजा किट नहीं है।
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डेंगू सीजन के चरम पर होने उप जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों की दैनिक जांच की संख्या 50 तक पहुंच जाती है। पीएचसी त्यूणी, सीएचसी चकराता, सीएचसी साहिया, पीएचसी कालसी, सीएचसी सहसपुर से भी रोजाना करीब 60 नमूनों की जांच होती है। अभी नमूनों को जांच के लिए अनुबंधित निजी लैब के माध्यम से देहरादून भेजा जाता है। उप जिला अस्पताल के नमूनों की रिपोर्ट आने में दो दिन लगते हैं। वहीं, अन्य अस्पतालों के लिए यही समय तीन से चार दिन हो जाता है। समय पर रिपोर्ट न मिलने के चलते मरीज जांच या उपचार के लिए देहरादून के सरकारी या निजी अस्पतालों में चले जाते हैं।
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कोट
मुख्यालय को एलाइजा किट की मांग भेजी जा रही है। किट उपलब्ध होते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, अनुबंधित लैब के माध्यम से एलाइजा जांच कराई जा रही है। - डॉ. विजय सिंह, सीएमएस, उप जिला अस्पताल