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Pithoragarh News: इस बार नहीं दिखी माउंटेन टोरटाइज सेल
Tue, 18 Apr 2023 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 18 Apr 2023 11:27 PM IST
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पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में इस बार माउंटेन टोरटाइज सेल तितली नहीं दिखी। वैसे यह तितली 600 से 3500 मीटर ऊंचाई वाले स्थानों में मिलती है लेकिन इस बार इसे अब तक देखा नहीं गया है। विंग्स फाउंडेशन के सदस्यों ने बटरफ्लाई काउंट सीजन-4 के दौरान दो दिन तक माउंटेन टोरटाइज सेल तितली को ढूंढने का प्रयास किया।
यह इंडियन टोरटाइज सेल की तरह दिखती है। हालांकि इसका रंग बेहद चटक होता है और यह बाघ की तरह भी दिखती है। यह तितली वन्यजीव अधिनियम एक्ट-1972 शेड्यूल द्वितीय के तहत संरक्षित है। सदस्यों को ब्लू ओपोल बटरफ्लाई तितली के दीदार जरूर हुए।
यह तितली 2300 से 4500 मीटर तक ऊंचाई पर मिलती है। इस तितली को देख पाना इतना आसान नहीं है। इस तितली के सफेद रंग के पंखों में काले और लाल धब्बे इसे और भी अधिक खूबसूरत बनाते हैं। इसका होस्ट प्लांट वार्मलीफ स्टोनक्रॉप है। 11 दिन तक चले बटरफ्लाई काउंट सीजन-4 में जिले से सात लोगों ने सहयोग कर कुछ तितलियों के फोटो भेजे हैं जिन्हें बाद में फाउंडेशन प्रमाणपत्र देकर सम्मानित करेगी।
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विंग्स फाउंडेशन का यह अभियान बेहद सराहनीय है। इससे जिले में मिलने वाली तितलियों के बारे में लोगों को जानकारी हो जाती है। साथ में तितलियों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। इस तरह के अभियान निरंतर चलते रहने चाहिए। विभाग फाउंडेशन को आगे भी सहयोग करता रहेगा। -जीवन मोहन दोगडे, डीएफओ पिथौरागढ़।
बटरफ्लाई काउंट सीजन-4 का अनुभव बेहद अच्छा रहा। लोग इस अभियान से हर साल जुड़ते रहते हैं। वह इस अभियान के महत्व को समझने लगे हैं और अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। इस अभियान को हर साल चलाया जाएगा। अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। -जगदीश भट्ट, विंग्स फाउंडेशन, पिथौरागढ़।
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यह इंडियन टोरटाइज सेल की तरह दिखती है। हालांकि इसका रंग बेहद चटक होता है और यह बाघ की तरह भी दिखती है। यह तितली वन्यजीव अधिनियम एक्ट-1972 शेड्यूल द्वितीय के तहत संरक्षित है। सदस्यों को ब्लू ओपोल बटरफ्लाई तितली के दीदार जरूर हुए।
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यह तितली 2300 से 4500 मीटर तक ऊंचाई पर मिलती है। इस तितली को देख पाना इतना आसान नहीं है। इस तितली के सफेद रंग के पंखों में काले और लाल धब्बे इसे और भी अधिक खूबसूरत बनाते हैं। इसका होस्ट प्लांट वार्मलीफ स्टोनक्रॉप है। 11 दिन तक चले बटरफ्लाई काउंट सीजन-4 में जिले से सात लोगों ने सहयोग कर कुछ तितलियों के फोटो भेजे हैं जिन्हें बाद में फाउंडेशन प्रमाणपत्र देकर सम्मानित करेगी।
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विंग्स फाउंडेशन का यह अभियान बेहद सराहनीय है। इससे जिले में मिलने वाली तितलियों के बारे में लोगों को जानकारी हो जाती है। साथ में तितलियों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। इस तरह के अभियान निरंतर चलते रहने चाहिए। विभाग फाउंडेशन को आगे भी सहयोग करता रहेगा। -जीवन मोहन दोगडे, डीएफओ पिथौरागढ़।
बटरफ्लाई काउंट सीजन-4 का अनुभव बेहद अच्छा रहा। लोग इस अभियान से हर साल जुड़ते रहते हैं। वह इस अभियान के महत्व को समझने लगे हैं और अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। इस अभियान को हर साल चलाया जाएगा। अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। -जगदीश भट्ट, विंग्स फाउंडेशन, पिथौरागढ़।