फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Three arrested with two skins of leopards, two hives of bears

तेंदओं की दो खालों, भालुओं की दो पित्तियों के साथ तीन गिरफ्तार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 12:23 AM IST
विज्ञापन
Three arrested with two skins of leopards, two hives of bears
पिथौरागढ़ में साधु से बरामद तेंदुए की खाल के साथ वन विभाग और एसओजी की टीम। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ वन विभाग ने दो अलग-अलग मामलों में तेंदुओं की दो खालों और भालुओं की दो पित्तियों के साथ एक साधु सहित तीन लोगों को पकड़ा है। तेंदुओं की दोनों खालों के साथ दांत भी मिले हैं। खालें एक से डेढ़ साल पुरानी बताई जा रहीं हैं। वन विभाग की टीम पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन

शनिवार की शाम साढ़े आठ बजे अस्कोट रेंज की टीम ने रेंजर बालम सिंह अल्मिया के नेतृत्व में छापा मारकर धारचूला के खुमती गांव के समीप आन सिंह और त्रिलोक सिंह से एक तेंदुए की खाल और भालुओं की दो पित्तियां बरामद कीं। खाल की लंबाई 2.60 मीटर है, इसके साथ दांत भी हैं। भालू की एक पित्ती का वजन 220 ग्राम, जबकि दूसरी का 20 ग्राम है।
विज्ञापन

इधर रविवार को वन विभाग पिथौरागढ़ और एसओजी ने मड़ खड़ायत के समीप कफलाड़ी स्थित एक मंदिर में रहने वाले बाबा चंदन गिरि से तेंदुए की खाल बरामद की। इसकी लंबाई दो मीटर है। खाल के साथ ऊपरी जबड़े के चार कैनाइन दांत और निचले जबड़े के 11 छोटे दांत मिले हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बाबा ने यह खाल उसे किसी शिष्य ने देने की बात कही है। तेंदुए की खाल असल में कहां से आई इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस खाल के एक से डेढ़ साल पुराना होने का अनुमान है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ वन विभाग ने वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

टीम में ये लोग रहे शामिल
पहली टीम में वन दरोगा नंदा बल्लभ, हितेश सिंह कार्की, वन आरक्षी करन सिंह धामी शामिल थे। दूसरी टीम में रेंजर दिनेश जोशी, मनोज ज्याला, बृजेश विश्वकर्मा, गणेश चिराल, योगेश चंद्र, एसओजी के एसआई प्रकाश चंद्र पांडेय थे।
वन विभाग की अस्कोट रेंज की टीम ने दो लोगों को तेंदुए की खाल और भालुओं की दो पित्तियों के साथ पकड़ा है। पिथौरागढ़ वन विभाग और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक साधु से तेंदुए की खाल बरामद की है। पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए लोगों की तस्करी के तार कहां जुड़े हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। - डॉ.विनय भार्गव, डीएफओ पिथौरागढ़।
सीमांत जिले में लगातार सामने आ रहे वन्यजीव अंगों की तस्करी के मामले
पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में वन्य जीव अंगों की तस्करी के मामले लगभग हर साल सामने आते हैं। वर्ष 2013 में भालू की पित्ती के साथ बेड़ीनाग में बागेश्वर का एक युवक पकड़ा गया था। 2017 में मुनस्यारी निवासी दो युवक भालुओं की पित्ती के साथ पकड़े गए थे। 2018 में मुनस्यारी में ही एक युवक भालू की पित्ती के साथ पकड़ा गया था।

पिथौरागढ़ जिले में तेंदुए की खालों की तस्करी का यह तीसरा मामला है। इस साल मार्च में सेराघाट में एसटीएफ ने तेंदुओं की छह खालों, नाखून, दांत के साथ एक तस्कर को पकड़ा था। जुलाई में तेंदुए की खाल के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। अब ताजा मामले में दो खालों और भालुओं की दो पित्तियां बरामद हुईं हैं। तस्कर वन्य जीव अंगों को बेचकर लाखों रुपये का कारोबार करते हैं। पिथौरागढ़ के डीएफओ विनय भार्गव का कहना है कि वन्य जीवों को मारकर उनके अंगों की तस्करी करना गंभीर अपराध है। वन विभाग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed