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Pithoragarh News: खराब मशीन ठीक हुई, अल्ट्रासाउंड कब होंगे पता नहीं
Mon, 29 Dec 2025 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 29 Dec 2025 11:01 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो पा रही हैं। रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने से लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन जंग खाने लगी है। मशीन में खराबी आई तो इसे ठीक करने के लिए तकनीशियन बुलाने पड़े। अब इसका संचालन कब होगा यह बताने को कोई तैयार नहीं है।
गंगोलीहाट की 40 हजार से अधिक की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की मार झेल रही है। जांच और बेहतर इलाज के लिए मरीज जिला मुख्यालय, अल्मोड़ा या फिर हल्द्वानी जाने के लिए विवश हैं। हैरत की बात है कि राज्य बनने के बाद पीएचसी गंगोलीहाट को सीएचसी बनाया गया। तब स्थानीय स्तर पर गर्भवतियों और अन्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने के दावे कर लाखों रुपये खर्च कर मशीन खरीदी गई। बमुश्किल आठ साल पहले कुछ समय के लिए सीएचसी में रविवार को अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था शुरू की गई लेकिन यह व्यवस्था जल्द ही दम तोड़ गई।
तब से आज तक अल्ट्रासाउंड करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं हो सकी। बीते दिनों निजी रेडियोलॉजिस्ट को सीएचसी भेजा गया तो अल्ट्रासाउंड मशीन पड़े-पड़े जंग खाने से खराब मिली। मशीन को ठीक कराने के लिए तकनीशियन बुलाने पड़े। अब मशीन ठीक तो हो गई है लेकिन अल्ट्रासाउंड कब तक शुरू होंगे और कौन करेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यदि अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन नहीं हुआ तो फिर से इसमें रखे-रखे खराबी आने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी है कमी
सीएचसी गंगोलीहाट में विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं हैं। इसके चलते अधिकतर रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। सृजित पदों में से स्त्री रोग, बाल रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन के पद खाली हैं। अस्पताल में नौ चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, तीन नर्स, तीन वार्ड ब्वॉय, एक लैब टेक्नीशियन, एक चौकीदार, दो सफाई कर्मी, एक धोबी, एक कुक और एक चालक सहित कुल 23 पद सृजित हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फिजिशियन, बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और पैथोलॉजिस्ट की कभी नियुक्ति ही नहीं हुई। हमेशा नियमित चिकित्सक ही अपनी सेवा देते रहे। वर्तमान में चार नियमित चिकित्सक अपनी सेवा दे रहे हैं। विशेषज्ञ न होने से मरीजों को यहां सिर्फ मामूली रोग का इलाज ही मिल रहा है।
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बोले लोग
इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड मशीन जंग खा रही है। शासन-प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। - दीपा परगाईं, क्षेत्र पंचायत सदस्य, बुंगली
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तमाम तकलीफों के बीच गर्भवतियों को जांच के लिए 80 किमी दूर जिला मुख्यालय, अल्मोड़ा या फिर 210 किमी दूर हल्द्वानी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शासन-प्रशासन को ठोस योजना बनानी चाहिए। - दमयंती बोरा, क्षेत्रवासी
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इतने बड़े इलाके में स्वास्थ्य सुविधा की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग को तुंरत ठोस कदम उठाने चाहिए। स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सबसे बड़ी समस्या - संजय बोरा, पूर्व सभासद, हनेरा
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स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी दूर करने को शासन-प्रशासन और विभाग के जल्द कदम न उठाने पर लोगों को एकजुट होकर इसके लिए आवाज उठानी पड़ेगी। - रविंद्र सिंह डसीला, ज्येष्ठ उप प्रमुख, गंगोलीहाट
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रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण सीएचसी में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। स्थिति से उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। - डॉ उमाकांत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएसची, गंगोलीहाट
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सीएचसी में विशेषज्ञों की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन की खराबी को दूर कर लिया गया है। जल्द ही शिविर के माध्यम से यहां अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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गंगोलीहाट की 40 हजार से अधिक की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की मार झेल रही है। जांच और बेहतर इलाज के लिए मरीज जिला मुख्यालय, अल्मोड़ा या फिर हल्द्वानी जाने के लिए विवश हैं। हैरत की बात है कि राज्य बनने के बाद पीएचसी गंगोलीहाट को सीएचसी बनाया गया। तब स्थानीय स्तर पर गर्भवतियों और अन्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने के दावे कर लाखों रुपये खर्च कर मशीन खरीदी गई। बमुश्किल आठ साल पहले कुछ समय के लिए सीएचसी में रविवार को अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था शुरू की गई लेकिन यह व्यवस्था जल्द ही दम तोड़ गई।
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तब से आज तक अल्ट्रासाउंड करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं हो सकी। बीते दिनों निजी रेडियोलॉजिस्ट को सीएचसी भेजा गया तो अल्ट्रासाउंड मशीन पड़े-पड़े जंग खाने से खराब मिली। मशीन को ठीक कराने के लिए तकनीशियन बुलाने पड़े। अब मशीन ठीक तो हो गई है लेकिन अल्ट्रासाउंड कब तक शुरू होंगे और कौन करेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यदि अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन नहीं हुआ तो फिर से इसमें रखे-रखे खराबी आने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी है कमी
सीएचसी गंगोलीहाट में विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं हैं। इसके चलते अधिकतर रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। सृजित पदों में से स्त्री रोग, बाल रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन के पद खाली हैं। अस्पताल में नौ चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, तीन नर्स, तीन वार्ड ब्वॉय, एक लैब टेक्नीशियन, एक चौकीदार, दो सफाई कर्मी, एक धोबी, एक कुक और एक चालक सहित कुल 23 पद सृजित हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फिजिशियन, बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और पैथोलॉजिस्ट की कभी नियुक्ति ही नहीं हुई। हमेशा नियमित चिकित्सक ही अपनी सेवा देते रहे। वर्तमान में चार नियमित चिकित्सक अपनी सेवा दे रहे हैं। विशेषज्ञ न होने से मरीजों को यहां सिर्फ मामूली रोग का इलाज ही मिल रहा है।
बोले लोग
इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड मशीन जंग खा रही है। शासन-प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। - दीपा परगाईं, क्षेत्र पंचायत सदस्य, बुंगली
तमाम तकलीफों के बीच गर्भवतियों को जांच के लिए 80 किमी दूर जिला मुख्यालय, अल्मोड़ा या फिर 210 किमी दूर हल्द्वानी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शासन-प्रशासन को ठोस योजना बनानी चाहिए। - दमयंती बोरा, क्षेत्रवासी
इतने बड़े इलाके में स्वास्थ्य सुविधा की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग को तुंरत ठोस कदम उठाने चाहिए। स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सबसे बड़ी समस्या - संजय बोरा, पूर्व सभासद, हनेरा
स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी दूर करने को शासन-प्रशासन और विभाग के जल्द कदम न उठाने पर लोगों को एकजुट होकर इसके लिए आवाज उठानी पड़ेगी। - रविंद्र सिंह डसीला, ज्येष्ठ उप प्रमुख, गंगोलीहाट
रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण सीएचसी में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। स्थिति से उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। - डॉ उमाकांत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएसची, गंगोलीहाट
सीएचसी में विशेषज्ञों की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन की खराबी को दूर कर लिया गया है। जल्द ही शिविर के माध्यम से यहां अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़