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गांव छोड़ दूसरे जिले के स्कूल जाने को मजबूर हो रहे छात्र

Sun, 23 Apr 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत Updated Sun, 23 Apr 2017 12:40 AM IST
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उर्वा जोशी, बबीता जोशी, ममता जोशी, सूरज कुमार, ललित सिंह, सोनू सिंह और सौरव पंत। बर्दाखान राजकीय इंटर कॉलेज के बारहवीं कक्षा के ये सात छात्र अब इसी स्कूल से बोर्ड की परीक्षा नहीं देंगे। इन छात्रों ने स्कूल से नाम कटाने को आवेदन किया है।
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यहां से नाम कटाकर ये छात्र पिथौरागढ़, लोहाघाट और दूसरे स्कूलों में जाने को मजबूर हैं। इसके चलते इनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। बारहवीं के विज्ञान वर्ग में बचे दो छात्र भी नाम कटाने पर विचार कर रहे हैं। छात्रों के स्कूल छोड़ने की वजह इंटर में पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी है।
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बाराकोट विकासखंड के बर्दाखान जीआईसी के 160 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कमी है। न इंटर की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए शिक्षक हैं और नहीं हाईस्कूल में पर्याप्त शिक्षक हैं। प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र जोशी का कहना है कि प्रवक्ता में छह व एलटी में दो शिक्षकों की कमी है।
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संस्कृत, हिंदी, अर्थशास्त्र विषय के अलावा इंटर विज्ञान संवर्ग में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित में प्रवक्ता नहीं है। विज्ञान संवर्ग के प्रवक्ताओं की कुर्सी खाली होने से साइंस के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी हो रही है। एकमात्र रसायन विज्ञान के प्रवक्ता कॉलेज में हैं।

अभिभावकों का कहना है कि गुरुओं की कमी से तंग आकर अब वे छात्रों का नाम स्कूल से कटाने को मजबूर हो रहे हैं। जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र के प्रवक्ता और विज्ञान, अंग्रेजी के एलटी शिक्षकों का तबादला 17 अप्रैल को हुआ, लेकिन उनके स्थान पर एक भी शिक्षक को यहां नहीं भेजा गया।

शिक्षक अभिभावक-शिक्षक संघ अध्यक्ष भवान कालाकोटी, बीडीसी सदस्य कमला पंत, मोहन सिंह अधिकारी, रमेश चंद्र पंत आदि का कहना है कि परीक्षा परिणाम बिगड़ने की डर से अब बारहवीं की पढ़ाई के लिए 60 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ या 25 किमी दूर लोहाघाट दाखिला करा रहे हैं और इस कवायद से न केवल बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूल जाना होगा, बल्कि अभिभावकों को भी हर महीने करीब तीन हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा।

दो महीने में कम होंगे दो और शिक्षक
बर्दाखान जीआईसी में इस वक्त महज चार प्रवक्ता हैं, लेकिन इन बचे प्रवक्ताओं में से भी दो और मई तक कॉलेज से इधर-उधर हो जाएंगे। नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता का नाम प्रमोशन लिस्ट में शामिल हैं। वहीं अंग्रेजी के प्रवक्ता का 31 मई को रिटायरमेंट है।

प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र जोशी का कहना है कि अंग्रेजी के प्रवक्ता को सत्र लाभ देने के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी नहीं है। व्यवस्था बनाने के लिए कला वर्ग के कुछ विषय वह खुद पढ़ा रहे हैं।

शिक्षकों की तैनाती की मांग की
शिक्षकों की तैनाती की मांग को करीब 40 किमी दूर से बर्दाखान के लोग मुख्य शिक्षा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी की गैर मौजूदगी में स्टेनो एलएम चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा। कहा कि अध्यापकों की कमी से स्कूल में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।


ज्ञापन देने वालों में अभिभावक-शिक्षक संघ अध्यक्ष भवान कालाकोटी, मोहन सिंह अधिकारी, रमेश चंद्र पंत, जगन्नाथ पांडेय, मीना पंत, दीपा पंत आदि शामिल थे। उधर शिक्षा विभाग के अधिकारी का कहना है कि रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।
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