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पिथौरागढ़ में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट के लिए लगी पांच मशीनें
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट की 31 लाख की राशि से स्थापना हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यूनिट के संचालन के लिए सभी औपचारिक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अब यूनिट संचालन के लिए लाइसेंस का इंतजार है। यूनिट संचालन के बाद ब्लड के कंपोनेंट आसानी से अलग अलग किए जा सकेंगे। यूनिट का कार्य पूरा होने में करीब दस माह लगे। यूनिट संचालन के लिए एक कर्मी को हल्द्वानी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के लिए प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट का संचालन शुरू होना एक बड़ी उपलब्धि होगी। अब विभाग को लाइसेंस के मिलने का इंतजार है।
लाइसेंस के लिए केंद्र और राज्य की टीम आकर व्यवस्थाओं की जांच करने के बाद यूनिट के संचालन को अनुमति देगी। जिला अस्पताल में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट पूरी तरह स्थापित होने के बाद गंभीर मरीजों के उपचार में मदद मिलेगी।
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ये सीमांत के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी। वर्तमान में मरीजों को पूरा रक्त चढ़ाना पड़ता है। यूनिट स्थापित होने के बाद ब्लड के कंपोनेंट ही दिए जाएंगे। अगस्त 2020 से प्लाज्मा कंपोनेंट निर्माण का कार्य शुरू किया गया था।
16.4 लाख रुपये की लागत से बने ब्लड बैंक के एक भवन में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट का निर्माण कार्यदायी संस्था आरईएस ने आठ माह में पूरा किया। वहीं ब्लड को अलग-अलग करने के लिए करीब 15 लाख की लागत से पांच मशीनें लगाई गई हैं।
कोविड के चलते हुई देरी
पिथौरागढ़। कोविड संक्रमण के चलते मई प्रथम सप्ताह में पहुंची मशीनों के इंस्टालेशन में दिक्कत हुई। मई माह के अंतिम सप्ताह में मशीनों का इंस्टालेशन दिल्ली से आए तकनीशियन ने किया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को अब केंद्र और राज्य की टीम के आने का इंतजार है। जिसके बाद इसके संचालन किया जा सके। प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट संचालन के लिए विभाग ने लाइसेंस के लिए पूर्व में ही आवेदन किया था। विभाग ने एक तकनीशियन के सुशीला तिवारी अस्पताल में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट प्रशिक्षण के लिए भी भेजा दिया है।
यूनिट पूरी तरह स्थापित होने के बाद मरीजों का उपचार करने में आसानी होगी। मरीजों को पूरा खून नहीं चढ़ाना पड़ेगा। जले मरीजों को सिर्फ प्लाज्मा दिया जाएगा। डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है तो उन्हें प्लेटलेट्स दिया जाएगा।
-डॉ. नरेंद्र शर्मा, रक्तदान कोष प्रभारी
जिले के लिए प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट एक बड़ी उपलब्धि होगी। केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य टीम इस माह के अंत तक आने की उम्मीद है। ब्लड कंपोनेंट निकालने के लिए सर्टिफिकेट मिलने के बाद यूनिट का संचालन शुरू हो जाएगा।
-डॉ. एचसी पंत, सीएमओ
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अब यूनिट संचालन के लिए लाइसेंस का इंतजार है। यूनिट संचालन के बाद ब्लड के कंपोनेंट आसानी से अलग अलग किए जा सकेंगे। यूनिट का कार्य पूरा होने में करीब दस माह लगे। यूनिट संचालन के लिए एक कर्मी को हल्द्वानी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग के लिए प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट का संचालन शुरू होना एक बड़ी उपलब्धि होगी। अब विभाग को लाइसेंस के मिलने का इंतजार है।
लाइसेंस के लिए केंद्र और राज्य की टीम आकर व्यवस्थाओं की जांच करने के बाद यूनिट के संचालन को अनुमति देगी। जिला अस्पताल में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट पूरी तरह स्थापित होने के बाद गंभीर मरीजों के उपचार में मदद मिलेगी।
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ये सीमांत के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी। वर्तमान में मरीजों को पूरा रक्त चढ़ाना पड़ता है। यूनिट स्थापित होने के बाद ब्लड के कंपोनेंट ही दिए जाएंगे। अगस्त 2020 से प्लाज्मा कंपोनेंट निर्माण का कार्य शुरू किया गया था।
16.4 लाख रुपये की लागत से बने ब्लड बैंक के एक भवन में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट का निर्माण कार्यदायी संस्था आरईएस ने आठ माह में पूरा किया। वहीं ब्लड को अलग-अलग करने के लिए करीब 15 लाख की लागत से पांच मशीनें लगाई गई हैं।
कोविड के चलते हुई देरी
पिथौरागढ़। कोविड संक्रमण के चलते मई प्रथम सप्ताह में पहुंची मशीनों के इंस्टालेशन में दिक्कत हुई। मई माह के अंतिम सप्ताह में मशीनों का इंस्टालेशन दिल्ली से आए तकनीशियन ने किया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को अब केंद्र और राज्य की टीम के आने का इंतजार है। जिसके बाद इसके संचालन किया जा सके। प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट संचालन के लिए विभाग ने लाइसेंस के लिए पूर्व में ही आवेदन किया था। विभाग ने एक तकनीशियन के सुशीला तिवारी अस्पताल में प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट प्रशिक्षण के लिए भी भेजा दिया है।
यूनिट पूरी तरह स्थापित होने के बाद मरीजों का उपचार करने में आसानी होगी। मरीजों को पूरा खून नहीं चढ़ाना पड़ेगा। जले मरीजों को सिर्फ प्लाज्मा दिया जाएगा। डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है तो उन्हें प्लेटलेट्स दिया जाएगा।
-डॉ. नरेंद्र शर्मा, रक्तदान कोष प्रभारी
जिले के लिए प्लाज्मा कंपोनेंट यूनिट एक बड़ी उपलब्धि होगी। केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य टीम इस माह के अंत तक आने की उम्मीद है। ब्लड कंपोनेंट निकालने के लिए सर्टिफिकेट मिलने के बाद यूनिट का संचालन शुरू हो जाएगा।
-डॉ. एचसी पंत, सीएमओ