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विकासखंड का दर्जा मिलने की उम्मीद में लोग
कुंदन मेहता/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Wed, 22 Mar 2017 10:42 PM IST
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पिथौरागढ़ जिले का गणाई कस्बा
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने से गणाईगंगोली के लोगों में अब अलग विकासखंड की सुविधा मिलने की उम्मीद जगने लगी है। क्योंकि 70 के दशक से चली आ रही गणाईगंगोली को अलग विकासखंड का दर्जा देने की मांग केंद्र और राज्य में अलग-अलग दलों की सरकार होने से भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। विकासखंड गठन का अधिकार केंद्र सरकार के हाथ में होने की बात कहकर प्रदेश में सरकार चलाने वाले दल इस मुद्दे को टाल जाते थे। अबकी दोनों जगह सरकार भी एक दल की है। इलाके की विधायक भी उसी दल से हैं।
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बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले की सीमा से लगे गणाईगंगोली क्षेत्र के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय गंगोलीहाट आने के लिए 40 से 70 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। इस वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गणाईगंगोली की भौगोलिक विषमताओं को देखते हुए वर्ष 1970 से भी पहले से अलग ब्लॉक का दर्जा देने की मांग उठ रही है। गणाईगंगोली, बनकोट इलाके को गंगोलीहाट विकासखंड से अलग कर विकासखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता ने लंबे समय तक आंदोलन किया। इसके लिए बाकायदा संघर्ष समिति का गठन इलाके के लोगों ने किया। हर चुनाव में भी गणाईगंगोली ब्लॉक का मुद्दा उठता रहा है। अलग विकासखंड का दर्जा देने की मांग करने वालों में भाजपा, कांग्रेस दोनों दलों के कार्यकर्ता भी शामिल हैं। नव निर्वाचित विधायक मीना गंगोला स्वयं विकासखंड की मांग उठाने वालों में शामिल रही हैं। अलग विकासखंड के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले गंगोलीहाट के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख श्याम सिंह पथनी कहते हैं कि विकासखंड का दर्जा देकर लोगों को राहत देने में देर नहीं करनी चाहिए।
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वर्ष 1987 में गंगोलीहाट तहसील के उद्घाटन के मौके पर यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी ने गणाईगंगोली को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की थी पर घोषणा परवान नहीं चढ़ी। कांग्रेस की पिछली सरकार ने वर्ष 2014 में 40 ग्राम पंचायतों वाले गणाईगंगोली को तहसील का दर्जा दिया। साथ ही अलग विकासखंड का दर्जा देने की बात कही थी।
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गणाईगंगोली को अलग विकासखंड का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन हुए हैं। अलग ब्लॉक बनने से उस इलाके के लोगों को सुविधा मिलेगी। अलग विकासखंड का प्रस्ताव विधिवत केंद्र सरकार को भिजवाया जाएगा। जब भी प्रदेश में विकासखंड बनेंगे, उनमें गणाईगंगोली का नाम अवश्य शामिल होगा। -मीना गंगोला, विधायक, गंगोलीहाट।