फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Math science base

गणित ही विज्ञान का आधार

Fri, 04 May 2018 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट Updated Fri, 04 May 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
Math science base
गंगोलीहाट में साइंस आउटरीच कार्यक्रम का उद्घाटन करते भू वैज्ञानिक डॉ. वल्दिया - फोटो : अमर उजाला

सीएनआर राव एजुकेशन फाउंडेशन बंगलूरू और उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर देहरादून के सहयोग से संचालित तीन दिनी साइंस आउटरीच प्रोग्राम हिमालयन ग्राम विकास समिति के सभागार में शुरू हो गया है। कार्यक्रम में पहुंचे देश के विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित का ज्ञान दिया।

विज्ञापन


प्रख्यात भूविज्ञानी पद्मभूषण खड्ग सिंह वल्दिया ने कहा कि गणित ही विज्ञान की आधारशिला है, बिना गणित को समझे विज्ञान की शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। पंतनगर यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो. बीडी लखचौरा ने कहा कि ऊतक तकनीकी के माध्यम से पौधों को अधिक संख्या में पैदा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पौधों में पुनर्जन्म संभव है, क्योंकि पौधों की कोशिकाओं में हार्मोन का उपयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन


कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गंगा बिष्ट ने बताया कि आज जो भी नई दवाएं निर्मित की जा रही हैं, उनमें रसायन विज्ञान की काफी देन है। पंतनगर विवि के प्राध्यापक डॉ. आनंद सिंह जीना ने जीन के उद्भव, संरचना और कार्यप्रणाली के बारे में बताया। इसरो के पूर्व निदेशक इंजीनियर एसएस वल्दिया ने कहा कि आज हम सेटेलाइट के माध्यम से घर बैठे देश, विदेश में सीधे संपर्क करते हैं। जेएनसीएएसआर बंगलूरू के वैज्ञानिक डॉ. जयश्री सनवाल ने बताया कि आज ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ही मौसम में परिवर्तन आ रहा है। यह प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव जनित है। प्रधानाचार्य बीएस कोरंगा ने कहा त्रिकोणमिति के ज्ञान से हम कठिन से कठिन कार्यों को सहजता के साथ कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने देश के विभिन्न संस्थानों से आए वैज्ञानिकों, अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। कहा कि साइंस आउटरीच कार्यक्रम वर्ष 2009 से संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पर्वतीय क्षेत्र के बच्चों में विज्ञान शिक्षा के प्रति जागरूक कर एक नई दिशा और मार्गदर्शन देना है। कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ जिले के 20 विद्यालयों के 110 विद्यार्थियों और शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed