फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Mandi complex

2.37 करोड़ की लागत से बनी मंडी का कोई उपयोग नहीं

Thu, 16 Mar 2017 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)। Updated Thu, 16 Mar 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
Mandi complex
मंडी परिसर - फोटो : अमर उजाला

थल (पिथौरागढ़)। थल घाटी में पैदा होने वाली सब्जियों, फलों को बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को उनकी उपज का लाभ दिलाने के लिए दो वर्ष पूर्व यहां गोचर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत स्थापित उपमंडी का किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पाया है।

विज्ञापन


उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की निर्माण शाखा ने उप मंडी के भवन का निर्माण करने में दो करोड़ 37 लाख रुपए की राशि खर्च कर दी। उप मंडी के नाम पर एक भवन का ढांचा तैयार कर दिया। उसके बाद इस तरह की कोई योजना नहीं बनाई, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का लाभ मिल सके।
विज्ञापन


थल घाटी में विभिन्न प्रकार के फलों के अलावा सब्जियों और अनाज का काफी अच्छा उत्पादन होता है। मंडी खोलने के पीछे यही मकसद रखा गया कि गांवों में पैदा होने वाले उत्पादों को इसके माध्यम से बिक्री किया जाए और किसानों को उत्पादों की कीमत दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया गया है कि भवन का निर्माण करने के बाद उसके संचालन की कोई रूपरेखा तैयार नहीं की गई। यह भी तय नहीं किया गया कि मंडी का संचालन कौन सी एजेंसी करेगी। जब इसका निर्माण हो रहा था तब किसानों को यह सब्जबाग दिखाए गए कि मंडी की स्थापना से किसानों को लाभ पहुंचेगा। बताया गया है कि भवन किसी भी विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है। अब लोग इसी उम्मीद में हैं कि इस भवन का उपयोग किया जाए और जिस मकसद के लिए उसे खोला गया है उसे पूरा किया जाए। 

थल। थल निवासी किसान गंगा देवी का कहना है कि बाजार तक ले जाने की सही व्यवस्था न होने से हर साल भारी मात्रा में फल और सब्जियां खराब हो जाती हैं। वह कहती हैं कि मंडी को किस उद्देश्य से खोला गया और किसानों को उसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। सरकार को जल्दी से कदम उठाना चाहिए। 


थल। किसान भागीरथी देवी का कहना है कि जब किसी योजना का लाभ लोगों को नहीं मिलता तो उस पर धन खर्च करने की जरूरत क्यों है। वह कहती हैं कि शायद सरकारी धन खपाने के लिए ही इस भवन का निर्माण कर दिया होगा। दो साल से मंडी का कामकाज शुरू न होना गंभीर चिंता का विषय है। इसकी जांच होनी चाहिए। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed