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जल संस्थान को हस्तांतरित की अधूरी पेयजल योजना
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 19 May 2017 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़ के मरसोली गांव में सूखा पड़ा पानी का स्टैंडपोस्ट
- फोटो : amar ujala
जल निगम और जल संस्थान की मिलीभगत से मूनाकोट विकासखंड के ग्राम पंचायत मरसोली में चार करोड़ की लागत से बनी पंपिंग पेयजल योजना से लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिल पाया है। गांव में लोगों को पानी देने के लिए चार सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट बनाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। यहां तक कि प्रधान के घर के आगे लगा स्टैंडपोस्ट भी सूखा पड़ा है। बताया गया है कि जल निगम ने वर्ष 2014 में चार करोड़ की लागत वाली इस पेयजल योजना का निर्माण किया था। योजना में अभी काफी काम शेष है, लेकिन इसे पूरा किए बिना ही जल संस्थान के अधीन कर दिया गया।
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गांव के लोग बताते हैं कि योजना के तहत बनाए गए स्टैंडपोस्ट से साल में सिर्फ एक बार आधे घंटे के लिए पानी चला। उसके बाद हमेशा इनमें सूखा पड़ा रहता है। गांव की पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य उषा देवी का कहना है कि पेयजल योजना के निर्माण में की गई धांधली की जांच की मांग को लेकर अब पेयजल मंत्री से मुलाकात की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोगों को पानी की बूंद नहीं मिल रही है तो चार करोड़ रुपये खर्च करने का मतलब है। उन्होंने कहा कि यदि योजना में सही तरीके से पानी नहीं चला तो जल संस्थान कार्यालय के सामने धरना दिया है।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता आरएस धर्मशक्तू ने स्वीकार किया कि अभी योजना में कई काम होने शेष हैं, लेकिन इसे जल संस्थान को सौंपने की कार्रवाई जल्दी कर दी गई। वह कहते हैं कि अब पानी चलाने की जिम्मेदारी जल संस्थान की है। वहीं, जल संस्थान के अधिकारी जल निगम पर दोष मढ़ते हैं।
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