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डीडीहाट में बदहाल हुई स्वास्थ्य सेवाएं
Thu, 07 Mar 2019 10:56 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 07 Mar 2019 10:56 PM IST
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डीडीहाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : AMAR UJALA
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल बनी हुई हैं। यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोडॉक्टरों भरोसे संचालित हो रहा है। डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरों की तैनाती न होने से लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कहने को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) भी है। यहां धारचूला, मुनस्यारी, अस्कोट और थल के मरीजों को रेफर किया जाता है। अप्रैल 2018 में केंद्र इस केंद्र में दो महिला चिकित्सकों की तैनाती की गई। इससे क्षेत्र के लोगों की उम्मीद थी कि अब स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी।
लेकिन इनमें से एक चिकित्सक का तैनाती के तीन माह में, दूसरी का पिछले साल दिवाली के बाद तबादला कर दिया। प्रभारी चिकित्सक डॉ. दीपक कृपाल ने नौकरी छोड़ने के लिए अनुमति पत्र सीएमओ को दिया है। सीएमओ कार्यालय से अनुमति पत्र को डीजी हेल्थ को भेजा गया है। फिलहाल अभी डॉ. कृपाल छुट्टी पर चल रहे हैं। वर्तमान में यहां एनआरएचएम के तहत एक आयुष चिकित्सक और एक दंत रोग चिकित्सक तैनात हैं।
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गर्भवती महिलाओं के प्रसव एएनएम के भरोसे हो रहे हैं। केंद्र में एफआरयू के तहत एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक सर्जन, चार एमबीबीएस चिकित्सक और एक निश्चेतक की नियुक्ति होनी चाहिए थी। बावजूद इसके किसी भी की तैनाती नहीं की गई है। यहां एक्सरे मशीन वर्ष 2004 से धूल फांक रही है।
लोगों में बना आक्रोश
अस्पताल की बदहाली से लोगों में काफी आक्रोश बना हुआ है। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र बोरा का कहना है कि केंद्र एफआरयू न होकर रेफरल सेंटर बन गया है। विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट आरएस चौहान का कहना है कि केंद्र से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद थी लेकिन अस्पताल खुद ही बदहाल है। इधर सीएमओ डॉ. उषा गुंज्याल ने बताया कि डॉ. दीपक कृपाल के इस्तीफे के नोटिस को डीजी हेल्थ को भेजा गया है। फिलहाल डॉ. कृपाल पैट्रन अवकाश पर हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कहने को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) भी है। यहां धारचूला, मुनस्यारी, अस्कोट और थल के मरीजों को रेफर किया जाता है। अप्रैल 2018 में केंद्र इस केंद्र में दो महिला चिकित्सकों की तैनाती की गई। इससे क्षेत्र के लोगों की उम्मीद थी कि अब स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी।
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लेकिन इनमें से एक चिकित्सक का तैनाती के तीन माह में, दूसरी का पिछले साल दिवाली के बाद तबादला कर दिया। प्रभारी चिकित्सक डॉ. दीपक कृपाल ने नौकरी छोड़ने के लिए अनुमति पत्र सीएमओ को दिया है। सीएमओ कार्यालय से अनुमति पत्र को डीजी हेल्थ को भेजा गया है। फिलहाल अभी डॉ. कृपाल छुट्टी पर चल रहे हैं। वर्तमान में यहां एनआरएचएम के तहत एक आयुष चिकित्सक और एक दंत रोग चिकित्सक तैनात हैं।
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गर्भवती महिलाओं के प्रसव एएनएम के भरोसे हो रहे हैं। केंद्र में एफआरयू के तहत एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक सर्जन, चार एमबीबीएस चिकित्सक और एक निश्चेतक की नियुक्ति होनी चाहिए थी। बावजूद इसके किसी भी की तैनाती नहीं की गई है। यहां एक्सरे मशीन वर्ष 2004 से धूल फांक रही है।
लोगों में बना आक्रोश
अस्पताल की बदहाली से लोगों में काफी आक्रोश बना हुआ है। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र बोरा का कहना है कि केंद्र एफआरयू न होकर रेफरल सेंटर बन गया है। विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट आरएस चौहान का कहना है कि केंद्र से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद थी लेकिन अस्पताल खुद ही बदहाल है। इधर सीएमओ डॉ. उषा गुंज्याल ने बताया कि डॉ. दीपक कृपाल के इस्तीफे के नोटिस को डीजी हेल्थ को भेजा गया है। फिलहाल डॉ. कृपाल पैट्रन अवकाश पर हैं।