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कोरोना: ज्यादा छूट मिलने पर कहीं बेपरवाह न हो जाएं हो लोग
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अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। कोरोना के संक्रमण के खतरे के बावजूद सरकार की ओर से बाजार खुलने सहित अन्य तमाम क्षेत्रों में छूट दी जा रही है, जबकि व्यापारी और आम जनता संक्रमण के खतरे को देखते हुए इसके पक्ष में नहीं है। कई स्थानों पर व्यापारी पहले ही बाजार खुलने और बंद करने के लिए अपनी ओर से समय निर्धारित कर चुके हैं। पिथौरागढ़ बाजार भी सोमवार से दिन में दो बजे ही बंद हो जाएगा।
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पहले लॉकडाउन में पिथौरागढ़ जिले में कोरोना का कोई मामला नहीं था उस समय बाजार खुलने का समय सुबह सात से दिन में एक बजे निर्धारित किया गया था। वर्तमान में कोरोना संक्रमितों के 21 मामले सामने आ चुके हैं। हजारों की संख्या में प्रवासी शहर से लेकर गांवों में बनाए गए क्वारंटीन केंद्रों में रह रहे हैं इसके बावजूद बाजार खोलने का समय बढ़ा दिया गया है। कोरोना के संक्रमण के खतरे के बीच मिली छूट के कारण आम जनता भी डरी हुई है। सरकार की ओर से सुबह सात से शाम सात बजे तक बाजार खुली रखने की छूट दी गई है। जिले के विभिन्न कस्बों में भी व्यापारी इसका विरोध कर दुकानें जल्दी बंद कर रहे हैं। पिथौरागढ़ शहर में भी सोमवार से दो बजे ही बाजार बंद हो जाएगा। सरकार की ओर से भले ही बाजार सहित तमाम क्षेत्रों में ढील दे दी गई हो लेकिन संक्रमण के भय के कारण लोग छूट के पक्ष में नहीं हैं।
--::ज्यादा छूट सही नहीं : "पहले संक्रमण का खतरा नहीं था तो बेहद सख्ती की गई थी। अब हजारों की संख्या में महानगरों से गांव-गांव तक लोग पहुंचे हैं। 21 मामले पॉजिटिव आ चुके हैं। ऐसे में बाजार 12 घंटे खुला रखना ठीक नहीं है। पिथौरागढ़ बाजार गांव पर ही निर्भर है। दिन में एक बजे बाद कोई ग्राहक नजर नहीं आ रहा है। लोगों और व्यापारियों की सहमति से ही बाजार दो बजे तक खुला रखने का निर्णय लिया गया है।" - शमशेर महर, नगर अध्यक्ष व्यापार संघ।
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--:: ज्यादा छूट मिली तो लापरवाह हो जाएंगे लोग : "कोरोना महामारी के संक्रमण का डर है। छूट मिलने के बाद कुछ लोग लापरवाह हो रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है, लेकिन कई जगहों पर लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। कोरोना से डरा हुआ आम आदमी अपनी जरूरतों का सामान ही बाजार से ले जा रहा है। दोपहर बाद दुकानों में ग्राहक नहीं जा रहा है। संक्रमण से बचाव के लिए बाजार को जल्दी बंद करना अच्छा निर्णय है।" - भगवान रावत, संयोजक जनमंच।
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