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हमें हमारा झूलापुल ही वापस दे दो सरकार...
Sun, 26 May 2019 11:37 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 26 May 2019 11:37 PM IST
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गणाईगंगोली के नियोलियासेरा में झूलापुल के अवशेष।
- फोटो : AMAR UJALA
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दो वर्ष पूर्व ध्वस्त हो चुके मोटर पुल के नहीं बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से उस स्थान पर पहले की ही तरह झूलापुल निर्माण की मांग की है।
रामपुर-नैनी सड़क में वर्ष 2012 में सड़क बनी तो नियोलियासेरा में कुलुर नदी में मोटर पुल बनाया गया। मोटर पुल बनने के बाद विभाग ने वर्ष 1983 में पैदल आवाजाही के लिए बने झूलापुल को वर्ष 2013 में उखाड़ दिया। एक फरवरी 2017 को दो लोडेड ट्रकों के मोटर पुल से गुजरते समय पुल ध्वस्त हो गया। जिला प्रशासन ने पुल ध्वस्त होने की जांच का एलान किया। तीन महीने के भीतर नया पुल बनाने का दावा किया गया लेकिन सारे दावे खोखले साबित हुए। पुल नहीं बनने से वाहनों की आवाजाही कुलुर नदी से होती है। बरसात में नदी का पानी बढ़ने पर आवाजाही ठप रहती है। लोगों ने सरकार और विभाग से फिर से झूलापुल बनाने की मांग की है।
परिचर्चा
सवा दो वर्षों में भी मोटर पुल न बनना सरकार और विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। पुल नहीं बना सकते तो हमें हमारा झूलापुल ही वापस कर दें। किसी भी क्षेत्र के साथ ऐसा अन्याय नहीं करना चाहिए। - सुरेश चंद्र नियोलिया, नियोलियासेरा
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मोटर पुल घटिया गुणवत्ता का शिकार हो गया। लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बरसात में वाहनों की आवाजाही ठप रहती है। लोग कुलूर नदी से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। - तारा दत्त नियोलिया, नियोलियासेरा
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दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग में दो साल बाद भी पुल नहीं बनाना सरकार की उदासीनता को दिखाता है। बरसात में आवाजाही के लिए लोनिवि ने नदी में ट्राली लगाई है लेकिन वह भी खराब पड़ी है। - संजय सिंह डसीला, रामपुर (सेराघाट)
-
नियोलियासेरा में पुल निर्माण के लिए धन स्वीकृत है। आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं हो पा रहे थे। 27 मई के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। - प्रदीप कुमार, अवर अभियंता लोनिवि विश्व बैंक डिवीजन
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रामपुर-नैनी सड़क में वर्ष 2012 में सड़क बनी तो नियोलियासेरा में कुलुर नदी में मोटर पुल बनाया गया। मोटर पुल बनने के बाद विभाग ने वर्ष 1983 में पैदल आवाजाही के लिए बने झूलापुल को वर्ष 2013 में उखाड़ दिया। एक फरवरी 2017 को दो लोडेड ट्रकों के मोटर पुल से गुजरते समय पुल ध्वस्त हो गया। जिला प्रशासन ने पुल ध्वस्त होने की जांच का एलान किया। तीन महीने के भीतर नया पुल बनाने का दावा किया गया लेकिन सारे दावे खोखले साबित हुए। पुल नहीं बनने से वाहनों की आवाजाही कुलुर नदी से होती है। बरसात में नदी का पानी बढ़ने पर आवाजाही ठप रहती है। लोगों ने सरकार और विभाग से फिर से झूलापुल बनाने की मांग की है।
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परिचर्चा
सवा दो वर्षों में भी मोटर पुल न बनना सरकार और विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। पुल नहीं बना सकते तो हमें हमारा झूलापुल ही वापस कर दें। किसी भी क्षेत्र के साथ ऐसा अन्याय नहीं करना चाहिए। - सुरेश चंद्र नियोलिया, नियोलियासेरा
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मोटर पुल घटिया गुणवत्ता का शिकार हो गया। लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। बरसात में वाहनों की आवाजाही ठप रहती है। लोग कुलूर नदी से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। - तारा दत्त नियोलिया, नियोलियासेरा
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दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग में दो साल बाद भी पुल नहीं बनाना सरकार की उदासीनता को दिखाता है। बरसात में आवाजाही के लिए लोनिवि ने नदी में ट्राली लगाई है लेकिन वह भी खराब पड़ी है। - संजय सिंह डसीला, रामपुर (सेराघाट)
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नियोलियासेरा में पुल निर्माण के लिए धन स्वीकृत है। आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं हो पा रहे थे। 27 मई के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। - प्रदीप कुमार, अवर अभियंता लोनिवि विश्व बैंक डिवीजन