गांव से अस्पताल तक के रास्ते में कर दी लाइटिंग
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विकासखंड मूनाकोट के क्वीतड़ गांव से 700 मीटर की दूरी पर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल तक जाने वाले रास्ते पर बेहतरीन रोशनी तो कर दी गई, लेकिन अब प्रधान के सामने बिजली का बिल जमा करने की समस्या आ गई है। मंगलवार को प्रधान श्याम सुंदर सिंह सौन इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी सी रविशंकर के पास पहुंचे। प्रधान ने बताया कि रास्ते पर लगाए गए 60 विद्युत बल्बों को जलाने के लिए उन्होंने अपने घर से बिजली का तार लगाया है। इस समय 350 मीटर लंबे रास्ते पर 60 बल्ब लगे हैं। अभी 350 मीटर रास्ता बनकर तैयार है। उसमें भी इतने ही बल्ब लगाए जाएंगे।
प्रधान श्याम सुंदर ने बताया कि रास्ते का निर्माण जिला पंचायत की ओर से किया गया। उससे पहले गांव से अस्पताल तक पहुंचने का सही रास्ता नहीं था। प्रधान ने अपनी देखरेख में इस रास्ते का निर्माण कराया। रास्ते के किनारे रेलिंग लगा दी। 350 मीटर रास्ता तीन महीने पहले बनकर तैयार हो गया, लेकिन उसमें रात पर आते-जाते समय रोशनी की समस्या को देखते हुए बिजली के बल्ब लगा दिए गए।
प्रधान ने जिलाधिकारी को पत्र देकर कहा कि रास्ते पर लगाए गए बल्बों की बिजली का खर्च वह खुद या ग्राम पंचायत की निधि से कर पाने में असमर्थ हैं। यदि पूरे रास्ते में सोलर प्लेट और बल्ब लगा दिए जाएं तो बिजली के खर्च से बचत हो जाएगी। डीएम ने उरेडा के परियोजना अधिकारी से कहा कि क्वीतड़ गांव से अस्पताल तक जाने के रास्ते में सोलर पावर प्लांट लगाए जाएं। ताकि बिजली की स्थायी व्यवस्था हो जाए और बिल जमा करने के झंझट से भी मुक्ति मिल जाए।