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महिलाएं इस दीपावली पर बजट को देख कर मनाएंगी दिवाली
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पिथौरागढ़। दीपावली पर्व पर महिलाएं इस बार बजट देखकर त्योहार मनाएंगी। स्वरोजगार से आत्मनिर्भर महिलाओं पर भी कोरोना की मार पड़ी है। ऐसे में महिलाएं दीपावली पर हर घर के सदस्य और घर की सजावट के लिए बजट के हिसाब से रकम खर्च कर रही हैं।
जिला मुख्यालय में धनतेरस पर ग्रामीण और नगर क्षेत्र से आई महिलाओं ने बातचीत में बताया कि कोरोना की मार से उनके बजट पर भी असर पड़ा है। जो रोजगार वह दुकानों में रहकर चलाती थी। अब वह उसे घर से चला रही हैं। सिल्थाम, गांधी चौक, सिमलगैर, पुराना बाजार, नया बाजार, सुभाष चौक में खरीदारी के लिए आई महिलाएं उत्पादों के दाम पूछकर ही चीजें खरीदती नजर आईं। जहां पिछले वर्षों तक महिलाएं खुलकर खर्च करती थीं वहीं इस बार कम से कम मूल्य में घर का जरूरी सामान, बच्चों के लिए कपड़े लेने का प्रयास किया।
कोरोना के कारण दुकान छोड़नी पड़ी। मार्च से जुलाई तक दुकान लगातार बंद रही। अब घर पर ही सिलाई का काम हो रहा है। दीपावली पर्व पर बजट के हिसाब से खरीदारी हो रही है।
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कमला गड़कोटी, पितरौटा
इस दीपावली पर सब्जियों के दाम भी काफी ज्यादा हो गए हैं। खान पान को देखते हुए रसोई के बजट पर भी ध्यान देना है। ऐसे में फिजूलखर्ची कम की जा रही है।
गीता देवी, टकाना
दीपावली खुशियों का त्योहार है। लेकिन कोरोना के कारण इस बार खुशियां काफी दूर हैं। सब्जियों के लगातार बढ़ते दाम रसोई की चिंता बढ़ा देते हैं।
विनीता बोरा, चंडाक
दीपावली पर हर चीज के लिए बजट बनाया है। चाहे वह परिवार के सदस्यों के लिए कपड़ों की खरीदारी हो या घर के सजावट की चीजें। इस बार पर्व पर खरीदारी के बजट को काफी कम करना पड़ा है।
नीलम नगरकोटी, दौला
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जिला मुख्यालय में धनतेरस पर ग्रामीण और नगर क्षेत्र से आई महिलाओं ने बातचीत में बताया कि कोरोना की मार से उनके बजट पर भी असर पड़ा है। जो रोजगार वह दुकानों में रहकर चलाती थी। अब वह उसे घर से चला रही हैं। सिल्थाम, गांधी चौक, सिमलगैर, पुराना बाजार, नया बाजार, सुभाष चौक में खरीदारी के लिए आई महिलाएं उत्पादों के दाम पूछकर ही चीजें खरीदती नजर आईं। जहां पिछले वर्षों तक महिलाएं खुलकर खर्च करती थीं वहीं इस बार कम से कम मूल्य में घर का जरूरी सामान, बच्चों के लिए कपड़े लेने का प्रयास किया।
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कोरोना के कारण दुकान छोड़नी पड़ी। मार्च से जुलाई तक दुकान लगातार बंद रही। अब घर पर ही सिलाई का काम हो रहा है। दीपावली पर्व पर बजट के हिसाब से खरीदारी हो रही है।
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कमला गड़कोटी, पितरौटा
इस दीपावली पर सब्जियों के दाम भी काफी ज्यादा हो गए हैं। खान पान को देखते हुए रसोई के बजट पर भी ध्यान देना है। ऐसे में फिजूलखर्ची कम की जा रही है।
गीता देवी, टकाना
दीपावली खुशियों का त्योहार है। लेकिन कोरोना के कारण इस बार खुशियां काफी दूर हैं। सब्जियों के लगातार बढ़ते दाम रसोई की चिंता बढ़ा देते हैं।
विनीता बोरा, चंडाक
दीपावली पर हर चीज के लिए बजट बनाया है। चाहे वह परिवार के सदस्यों के लिए कपड़ों की खरीदारी हो या घर के सजावट की चीजें। इस बार पर्व पर खरीदारी के बजट को काफी कम करना पड़ा है।
नीलम नगरकोटी, दौला