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छोरीबगड़ के लोग घर छोड़ने को मजबूर
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:25 PM IST
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मदकोट के छोरी बगड़ में घर खाली कर राहत शिविर में सामान ले जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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दो जुलाई की आपदा ने जिले के धारचूला और मुनस्यारी में 259 परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं। मकान ढहने, बहने, खतरे में आने से 70 परिवारों के 259 लोग 15 राहत शिविरों में रह रहे हैं। आपदा ने मदकोट के छोरीबगड़ के लोगों को भी घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है।
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छोरीबगड़ में गोरी नदी तांडव मचा रही है। नदी जमीन को तेजी से काट रही है। तटबंधों, सुरक्षा दीवारों को बहा रही है। गोरी के कटाव से छोरीबगड़ से सात परिवारों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। खतरे में आए तीन परिवारों ने प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में शरण ली है। छोरीबगड़ के प्रताप सिंह दोसाद, देवेंद्र सिंह और तुलसी देवी ने मंगलवार को अपने घरों से सारा सामान शिफ्ट कर लिया।
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नदी का जलस्तर बढ़ता ही रहा तो छोरीबगड़ के खतरे में आए मकान कभी भी चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन ने सातों परिवारों को घर छोड़ने के लिए कहा है। छोरीबगड़ में लोगों को आवागमन में दिक्कत आ रही है। नाले उफान पर हैं। बच्चे, बुजुर्गों को कंधे पर ढोना पड़ रहा है।
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