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Pithoragarh News: बंगापानी-दारमा सड़क पर पहाड़ी पर लटके बोल्डर बने हैं खतरा

Fri, 20 Feb 2026 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 20 Feb 2026 11:28 PM IST
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Boulders hanging from the hill on the Bangapani-Darma road pose a threat.
बदहाल बंगापानी-दारमा सड़क और पहाड़ी पर लटके बोल्डर। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी-दारमा सड़क पर पहाड़ी पर लटके बोल्डरों ने ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ाई है। ये बोल्डर खतरा बने हैं। बोल्डरों के गिरने के खतरे को देखते हुए चालक सड़क पर वाहनों का संचालन करने से डर रहे हैं और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं। हैरानी की बात है कि 7.5 किलोमीटर सड़क बने 10 साल हो गए हैं लेकिन इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है।
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10 साल पूर्व बनी बंगापानी-दारमा सड़क की हालत अब तक भी नहीं सुधर सकी है। पहाड़ी पर जहां-तहां पत्थर लटके हैं और इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। हालात यह है कि बोल्डरों के खतरे को देखते हुए चालक सड़क पर वाहनों का संचालन करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण सड़क होने के बाद भी पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं। पहाड़ी पर लटके बोल्डरों के खतरे के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद सड़क और पुल तो मिला लेकिन अब वाहन मिलना मुश्किल हो गया है। यदि सड़क की हालत सुधरती तो हम भी वाहन से सफर करते और बीमारों, गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल नहीं पहुंचाना पड़ता।
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संकरी सड़क और मोड़ बन सकते हैं दुर्घटना का कारण
ग्रामीणों का कहना है कि संकरी सड़क और मोड़ के साथ ही पहाड़ी पर लटके बोल्डर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सड़क के लिए काटे गए बैंड ऐसे हैं कि वाहनों को आगे-पीछे कर ही आगे निकाला जा सकता है। विभाग की ओर से पूर्व में सड़क ठीक करने के लिए एक-दो बार जेसीबी लगाई गई लेकिन उसके बाद पलटकर नहीं देखा। सड़क की चौड़ाई भी काफी कम है। संकरी सड़क पर हल्की सी चूक भी यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती है। सड़क किनारे पानी निकासी के लिए नालियां, स्क्रवर भी नहीं बनाए गए हैं।
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बोले ग्रामीण
लंबे संघर्ष के बाद सड़क तो बनी लेकिन इसे बदहाल छोड़ दिया गया है। चालक इस पर वाहनों का संचालन करने से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण सड़क होने के बाद भी पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। - चंद्र सिंह धामी, पूर्व प्रधान
कोट

वीर चक्र विजेता और कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव की सड़क के यह हाल हैं। अन्य गांवों की सड़कों के क्या हाल होंगे। हमारे गांव की सड़क की सुध नहीं ली जा रही है। अब आंदोलन करना ही एकमात्र विकल्प है। - रुक्मिणी देवी, प्रधान

कोट
सड़क ठीक करने के लिए एक-दो दिन में जेसीबी भेजी जाएगी। सड़क की हालत सुधारने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। - अजय उप्रेती, सहायक अभियंता, लोनिवि, डीडीहाट
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