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Pithoragarh News: मेलापानी में बनेगी झील, पर्यटन गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
Wed, 17 Jun 2026 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:47 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर देवलथल के पास मेलापानी क्षेत्र में करीब 350 मीटर लंबी झील निर्माण की कवायद परवान चढ़ने लगी है।
आईआईटी रुड़की की टीम ने सर्वे के बाद मेलापानी को झील निर्माण के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए सिंचाई विभाग को हरी झंडी दे दी है। झील के निर्माण से मेलापानी क्षेत्र में पर्यटन सहित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे इलाके में रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
बता दें कि मेलापानी में दो-तीन गधेरे आकर मिलते हैं और इसमें हमेशा पानी मौजूद रहता है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से यहां झील निर्माण की कोशिशों में जुटे थे। अब जाकर उनकी कवायद रंग ला रही है। बीते दिनों आईआईटी रुड़की की टीम ने मेलापानी में झील निर्माण स्थल का सर्वेक्षण किया। विशेषज्ञों ने स्थल को कृत्रिम झील निर्माण के लिए उचित पाया। करीब 350 मीटर लंबी, 70 मीटर चौड़ी और 15 मीटर गहराई की झील का निर्माण सिंचाई विभाग करेगा और जल्द इसकी डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। अनुमान है कि झील निर्माण में करीब 10 करोड़ का खर्चा आएगा।
मेलापानी में झील का निर्माण होने से पर्यटन के साथ साथ अन्य गतिविधियां भी बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के कुछ अवसर प्राप्त होंगे। झील निर्माण की कवायद से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
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-- -- बोले क्षेत्रवासी-- -
पिथौरागढ़ से थल-मुनस्यारी मार्ग पर मेलापानी में झील का निर्माण होने से आसपास के इलाके को काफी फायदा होगा। लंबे समय से लोग इसकी मांग कर रहे थे। इस मांग का पूरा होना स्वागत योग्य कदम है। - देवेंद्र सिंह सामंत, निवासी ग्राम चौपाता, देवलथल
झील निर्माण से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। जितना जल्द संभव इसका निर्माण किया जाना चाहिए। - रजनीश पांडे, ग्राम उसैल, देवलथल
-- कोट-- -
झील बनने से क्षेत्र में जलसंवर्धन के साथ ही पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। मत्स्य पालन सहित अन्य कई कार्य हो सकेंगे। भविष्य में झील वाटर सप्लाई की योजनाएं भी बन सकती हैं। आईआईटी रुड़की की टीम ने सर्वे के बाद झील निर्माण के लिए मेलापानी को उपयुक्त बताते हुए रिपोर्ट सिंचाई विभाग को दे दी है। इसकी डीपीआर एक-डेढ़ महीने में तैयार हो जाएगी। - धीरज जोशी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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आईआईटी रुड़की की टीम ने सर्वे के बाद मेलापानी को झील निर्माण के लिए उपयुक्त जगह बताते हुए सिंचाई विभाग को हरी झंडी दे दी है। झील के निर्माण से मेलापानी क्षेत्र में पर्यटन सहित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे इलाके में रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
बता दें कि मेलापानी में दो-तीन गधेरे आकर मिलते हैं और इसमें हमेशा पानी मौजूद रहता है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से यहां झील निर्माण की कोशिशों में जुटे थे। अब जाकर उनकी कवायद रंग ला रही है। बीते दिनों आईआईटी रुड़की की टीम ने मेलापानी में झील निर्माण स्थल का सर्वेक्षण किया। विशेषज्ञों ने स्थल को कृत्रिम झील निर्माण के लिए उचित पाया। करीब 350 मीटर लंबी, 70 मीटर चौड़ी और 15 मीटर गहराई की झील का निर्माण सिंचाई विभाग करेगा और जल्द इसकी डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। अनुमान है कि झील निर्माण में करीब 10 करोड़ का खर्चा आएगा।
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मेलापानी में झील का निर्माण होने से पर्यटन के साथ साथ अन्य गतिविधियां भी बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के कुछ अवसर प्राप्त होंगे। झील निर्माण की कवायद से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
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पिथौरागढ़ से थल-मुनस्यारी मार्ग पर मेलापानी में झील का निर्माण होने से आसपास के इलाके को काफी फायदा होगा। लंबे समय से लोग इसकी मांग कर रहे थे। इस मांग का पूरा होना स्वागत योग्य कदम है। - देवेंद्र सिंह सामंत, निवासी ग्राम चौपाता, देवलथल
झील निर्माण से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। जितना जल्द संभव इसका निर्माण किया जाना चाहिए। - रजनीश पांडे, ग्राम उसैल, देवलथल
झील बनने से क्षेत्र में जलसंवर्धन के साथ ही पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। मत्स्य पालन सहित अन्य कई कार्य हो सकेंगे। भविष्य में झील वाटर सप्लाई की योजनाएं भी बन सकती हैं। आईआईटी रुड़की की टीम ने सर्वे के बाद झील निर्माण के लिए मेलापानी को उपयुक्त बताते हुए रिपोर्ट सिंचाई विभाग को दे दी है। इसकी डीपीआर एक-डेढ़ महीने में तैयार हो जाएगी। - धीरज जोशी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग