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सात वर्ष में ही जर्जर हुआ गोचर का पर्यटक आवास गृह
Updated Sat, 08 Dec 2018 10:57 PM IST
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थल (पिथौरागढ़)। पर्यटक स्थल मुनस्यारी और कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर थल के गोचर नामक स्थान पर करोड़ों की लागत से बनाया गया पर्यटक आवास गृह सात वर्ष में ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा यह आवास गृह उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के वित्तीय सहयोग से बनाया गया था।
भवन का शिलान्यास वर्ष 2007 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री प्रकाश पंत ने किया था। वर्ष 2011 में 8 शयनकक्ष वाला आवास गृह बनकर तैयार हुआ। बगैर लोकार्पण किए ही आवास गृह संचालित कर दिया गया। बनने के दो साल बाद ही भवन की दीवारों से प्लास्टर झड़ने लगा और छत टपकने लगी।
इस सात वर्षों में भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। बाथरूम का फर्श धंस गया है। दरवाजे की चौखट सड़ चुकी है। सीलन भरे कमरे से दुर्गंध आती है। भवन की खस्ता हालत को देखते हुए केएमवीएन ने दो वर्ष से आवास गृह की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर रखी है। आवास गृह में काफी कम लोग रुकते हैं।
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अठखेत ग्राम पंचायत के प्रधान दीपक भैंसोड़ा का कहना है कि तीर्थस्थल थल के मुख्य मार्ग पर स्थित यह पर्यटक आवास गृह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। मुनस्यारी, एक हथिया देवाल, शिवालय, बिर्थी फॉल, रामगंगा में रिवर राफ्टिंग देखने के लिए लोग पहुंचते हैं। प्रवासी पक्षी जलकॉक (ग्रेट कार्मोरेंट) भी रामगंगा में आकर्षण का केंद्र है। इस आवास गृह का जीर्णोद्धार कर उच्चकोटि के सुविधायुक्त पर्यटक आवास गृह में तब्दील किया जाना चाहिए। इससे केएमवीएन की भी आय बढ़ेगी।
केएमवीएन के अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी। खराब गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। पर्यटक आवास गृह को रहने लायक बनाया जाएगा। -विशन सिंह चुफाल, क्षेत्रीय विधायक
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भवन का शिलान्यास वर्ष 2007 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री प्रकाश पंत ने किया था। वर्ष 2011 में 8 शयनकक्ष वाला आवास गृह बनकर तैयार हुआ। बगैर लोकार्पण किए ही आवास गृह संचालित कर दिया गया। बनने के दो साल बाद ही भवन की दीवारों से प्लास्टर झड़ने लगा और छत टपकने लगी।
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इस सात वर्षों में भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। बाथरूम का फर्श धंस गया है। दरवाजे की चौखट सड़ चुकी है। सीलन भरे कमरे से दुर्गंध आती है। भवन की खस्ता हालत को देखते हुए केएमवीएन ने दो वर्ष से आवास गृह की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर रखी है। आवास गृह में काफी कम लोग रुकते हैं।
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अठखेत ग्राम पंचायत के प्रधान दीपक भैंसोड़ा का कहना है कि तीर्थस्थल थल के मुख्य मार्ग पर स्थित यह पर्यटक आवास गृह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। मुनस्यारी, एक हथिया देवाल, शिवालय, बिर्थी फॉल, रामगंगा में रिवर राफ्टिंग देखने के लिए लोग पहुंचते हैं। प्रवासी पक्षी जलकॉक (ग्रेट कार्मोरेंट) भी रामगंगा में आकर्षण का केंद्र है। इस आवास गृह का जीर्णोद्धार कर उच्चकोटि के सुविधायुक्त पर्यटक आवास गृह में तब्दील किया जाना चाहिए। इससे केएमवीएन की भी आय बढ़ेगी।
केएमवीएन के अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाएगी। खराब गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। पर्यटक आवास गृह को रहने लायक बनाया जाएगा। -विशन सिंह चुफाल, क्षेत्रीय विधायक