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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में 60 बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश का इंतजार
Fri, 22 May 2026 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 22 May 2026 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़। आईटीई के तहत निर्धन बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दिलाने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। एक तरफ आवेदन कम मिल रहे हैं। दूसरी तरफ कम संख्या में आवेदन मिलने के बाद भी विभाग संबंधित विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिला पा रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रक्रिया को शुरू हुए लंबा समय बीतने के बाद भी 60 विद्यार्थी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश पाने का इंतजार कर रहे हैं।
सीमांत जिले में 150 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें आरटीई के तहत निर्धन बच्चों को प्रवेश देने के लिए 1459 सीट आवंटित हैं। विभाग को योजना के तहत 958 आवेदन मिले। दस्तावेज पूरा न होने पर 56 आवेदन स्वीकृत नहीं हो सके। इसके बाद भी विभाग शेष 902 आवेदनों के सापेक्ष सिर्फ 742 विद्यार्थियों को ही निजी स्कूलों में प्रवेश दिला सका है। अब भी 60 विद्यार्थी निजी स्कूलों तक नहीं पहुंचाए जा सके हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए दो महीने का समय बीत गया है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में निजी स्कूलों में प्रवेश न मिलने से इन विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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501 सीट पर नहीं मिले आवेदन
आरटीई के तहत सीमांत जिले में 1459 सीटों पर प्रवेश होने हैं। इसके सापेक्ष सिर्फ 958 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। ऐसे में अब भी विभाग को 501 सीटों पर आवेदन मिलने का इंतजार है। तमाम जागरूकता अभियानों के बाद भी विभाग निर्धन बच्चों के निजी स्कूलों में पढ़ने के सपने को पूरा नहीं कर पा रहा है।
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कोट
आवेदनों के सापेक्ष अधिकांश विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है। कुछ बच्चों के दस्तावेज अधूरे थे। इन्हें पूरा करने के बाद प्रवेश मिलेगा। अभी प्रक्रिया गतिमान है। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़
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सीमांत जिले में 150 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें आरटीई के तहत निर्धन बच्चों को प्रवेश देने के लिए 1459 सीट आवंटित हैं। विभाग को योजना के तहत 958 आवेदन मिले। दस्तावेज पूरा न होने पर 56 आवेदन स्वीकृत नहीं हो सके। इसके बाद भी विभाग शेष 902 आवेदनों के सापेक्ष सिर्फ 742 विद्यार्थियों को ही निजी स्कूलों में प्रवेश दिला सका है। अब भी 60 विद्यार्थी निजी स्कूलों तक नहीं पहुंचाए जा सके हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए दो महीने का समय बीत गया है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में निजी स्कूलों में प्रवेश न मिलने से इन विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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501 सीट पर नहीं मिले आवेदन
आरटीई के तहत सीमांत जिले में 1459 सीटों पर प्रवेश होने हैं। इसके सापेक्ष सिर्फ 958 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। ऐसे में अब भी विभाग को 501 सीटों पर आवेदन मिलने का इंतजार है। तमाम जागरूकता अभियानों के बाद भी विभाग निर्धन बच्चों के निजी स्कूलों में पढ़ने के सपने को पूरा नहीं कर पा रहा है।
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कोट
आवेदनों के सापेक्ष अधिकांश विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है। कुछ बच्चों के दस्तावेज अधूरे थे। इन्हें पूरा करने के बाद प्रवेश मिलेगा। अभी प्रक्रिया गतिमान है। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़