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आग से अब तक 195 हेक्टेयर जंगल जला
Updated Wed, 30 May 2018 11:24 PM IST
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पिथौरागढ़। फायर सीजन के साढ़े तीन माह के दौरान जिले में 195 हेक्टेयर से अधिक जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। वनाग्नि से अमूल्य वन संपदा तो जली ही, लाखों का नुकसान भी हो चुका है। जिले में वनाग्नि की सर्वाधिक घटनाएं डीडीहाट, बेड़ीनाग, अस्कोट और गंगोलीहाट में हुई हैं।
15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में अब तक जिले के आरक्षित, सिविल और पंचायती वनों में आग की 94 घटनाएं हो चुकी हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में आग की 39 घटनाएं हो चुकी हैं। यहां 72 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुका है। सिविल और पंचायती वनों में आग की ज्यादा घटनाएं दर्ज हुई हैं। यहां 55 आग की घटनाएं दर्ज हुई हैं। सिविल और पंचायती वनों में 123 हेक्टेयर से अधिक जंगल जला है।
वन विभाग के मुताबिक इन घटनाओं में लगभग साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फायर सीजन गुजरने में अभी 15 दिन का समय शेष है। ऐसे में वनाग्नि की आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि गुुजरे साल की तुलना में वनाग्नि की अपेक्षाकृत कम घटनाएं हुई हैं। पिछले साल अब तक वनाग्नि 200 घटनाओं का आंकड़ा पार कर चुकी थी।
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15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में अब तक जिले के आरक्षित, सिविल और पंचायती वनों में आग की 94 घटनाएं हो चुकी हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में आग की 39 घटनाएं हो चुकी हैं। यहां 72 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुका है। सिविल और पंचायती वनों में आग की ज्यादा घटनाएं दर्ज हुई हैं। यहां 55 आग की घटनाएं दर्ज हुई हैं। सिविल और पंचायती वनों में 123 हेक्टेयर से अधिक जंगल जला है।
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वन विभाग के मुताबिक इन घटनाओं में लगभग साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फायर सीजन गुजरने में अभी 15 दिन का समय शेष है। ऐसे में वनाग्नि की आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि गुुजरे साल की तुलना में वनाग्नि की अपेक्षाकृत कम घटनाएं हुई हैं। पिछले साल अब तक वनाग्नि 200 घटनाओं का आंकड़ा पार कर चुकी थी।
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