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बादल आएंगे पर बरसेंगे नहीं
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:03 AM IST
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पिथौरागढ़। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि इस दौरान हल्के और मध्यम स्तर के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन बारिश की उम्मीद नहीं है। इस बीच जिला मुख्यालय में सोमवार को अधिकतम तापमान 19.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड का असर अब बढ़ता रहेगा।
वहीं, बारिश नहीं होने से धूल का असर बढ़ने लगा है। शुष्क ठंड के इस मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में धूल से बचाव करना चाहिए और ठंडे पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि बारिश होने के बाद धूल समाप्त हो जाती है और वातावरण में नमी बढ़ जाती है। बारिश न होने से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
इस बीच बारिश न होने से पूरे जिले में सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। जिन इलाकों में सिंचाई की सुविधा नहीं है वहां पर बोए गए बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि जहां पर पानी की उपलब्धता है वहां पर किसानों को चाहिए कि उसका उपयोग करें। सब्जी के पौधों को पाले से बचाने के लिए लगातार पानी दिया जाना जरूरी है। रात के समय गिरने वाला पाला सब्जी के पौधों के लिए नुकसानदेह होता है।
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वहीं, बारिश नहीं होने से धूल का असर बढ़ने लगा है। शुष्क ठंड के इस मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में धूल से बचाव करना चाहिए और ठंडे पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि बारिश होने के बाद धूल समाप्त हो जाती है और वातावरण में नमी बढ़ जाती है। बारिश न होने से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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इस बीच बारिश न होने से पूरे जिले में सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। जिन इलाकों में सिंचाई की सुविधा नहीं है वहां पर बोए गए बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि जहां पर पानी की उपलब्धता है वहां पर किसानों को चाहिए कि उसका उपयोग करें। सब्जी के पौधों को पाले से बचाने के लिए लगातार पानी दिया जाना जरूरी है। रात के समय गिरने वाला पाला सब्जी के पौधों के लिए नुकसानदेह होता है।
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