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ग्रामीणों ने पशुबलि के स्थान पर किया हवन यज्ञ
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:34 PM IST
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पिथौरागढ़। जाखपंत गांव के ग्रामीणों की ओर से असुरचूला में पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों ने पशु बलि के स्थान पर मंदिर में हवन यज्ञ कर क्षेत्र की सुख शांति के लिए प्रार्थना की। जाखपंत के ग्रामीणों ने बुधवार रात मंदिर में जागरण किया।
बृहस्पतिवार को ग्रामीण देवडोले के साथ मंदिर पहुंचे। इसके बाद मंदिर में हवन यज्ञ किया गया। इसमें जाखपंत, सिरकुच, लेलू, मजिरकांडा के ग्रामीण शामिल थे। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश पंत ने बताया कि यह हवन पशुबलि के स्थान पर किया गया है। उन्होंने बताया कि असुरचूला में वर्ष में केवल एक बार ही बलिदान होता था।
यह पशुबलि चैतोल से एक दिन पहले की जाती थी। उसके स्थान पर हवन यज्ञ किया गया है। हवन में कर्मार्थी दिवाकर पंत, पंडित हेम जोशी, कटारमल मंदिर के पुजारी दामोदर पंत, ग्राम प्रधान सतीश पंत आदि ने सहयोग दिया।
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बृहस्पतिवार को ग्रामीण देवडोले के साथ मंदिर पहुंचे। इसके बाद मंदिर में हवन यज्ञ किया गया। इसमें जाखपंत, सिरकुच, लेलू, मजिरकांडा के ग्रामीण शामिल थे। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश पंत ने बताया कि यह हवन पशुबलि के स्थान पर किया गया है। उन्होंने बताया कि असुरचूला में वर्ष में केवल एक बार ही बलिदान होता था।
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यह पशुबलि चैतोल से एक दिन पहले की जाती थी। उसके स्थान पर हवन यज्ञ किया गया है। हवन में कर्मार्थी दिवाकर पंत, पंडित हेम जोशी, कटारमल मंदिर के पुजारी दामोदर पंत, ग्राम प्रधान सतीश पंत आदि ने सहयोग दिया।
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