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ब्लास्टिंग से पहाड़ टूटा पिथौरागढ़-धारचूला सड़क बंद
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डीडीहाट/कनालीछीना। सड़क काटने के दौरान की गई ब्लास्टिंग से पूरी चट्टान दरककर सड़क पर आ गई। चट्टान के मलबे से पिथौरागढ़-धारचूला सड़क बंद हो गई है। इससे सैकड़ों यात्री मार्ग में ही फंस गए। धारचूला और डीडीहाट के यात्रियों को थल होते हुए 45 किमी घूमकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। पूरी चट्टान के दरकने से सड़क खुलने में लंबा समय लग सकता है।
पिथौरागढ़ से धारचूला के लिए नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। मंगलवार को दिन में लगभग ढाई बजे गुड़ौली के अजाड़ीगांव स्थित गधेरे में सड़क काटने के लिए ब्लास्टिंग की गई तो पूरी पहाड़ी टूटकर सड़क पर आ गिरी। इससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया।
धारचूला और डीडीहाट के लिए आवाजाही करने वाली सैकड़ों गाड़ियां वहां फंस गईं। चार किमी दूर स्थित बंदरलीमा और हचीला के यात्रियों को जान जोखिम में डालकर पैदल ही जाना पड़ा, जबकि धारचूला और डीडीहाट जा रहे वाहन वापस पांच किमी पीछे कनालीछीना लौटे।
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इसके बाद देवलथल रूट से मुवानी-थल होते हुए गंतव्य तक पहुंचे। इससे जीप और बसों में सवार सैकड़ों यात्रियों को 45 किलोमीटर का लंबा फेरा लगाना पड़ा। होली मनाने मैदानी क्षेत्रों से आ रहे यात्रियों को खासी फजीहत उठानी पड़ी। इस बीच, बारिश होने से चट्टानों को हटाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया था।
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पिथौरागढ़ से धारचूला के लिए नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। मंगलवार को दिन में लगभग ढाई बजे गुड़ौली के अजाड़ीगांव स्थित गधेरे में सड़क काटने के लिए ब्लास्टिंग की गई तो पूरी पहाड़ी टूटकर सड़क पर आ गिरी। इससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया।
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धारचूला और डीडीहाट के लिए आवाजाही करने वाली सैकड़ों गाड़ियां वहां फंस गईं। चार किमी दूर स्थित बंदरलीमा और हचीला के यात्रियों को जान जोखिम में डालकर पैदल ही जाना पड़ा, जबकि धारचूला और डीडीहाट जा रहे वाहन वापस पांच किमी पीछे कनालीछीना लौटे।
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इसके बाद देवलथल रूट से मुवानी-थल होते हुए गंतव्य तक पहुंचे। इससे जीप और बसों में सवार सैकड़ों यात्रियों को 45 किलोमीटर का लंबा फेरा लगाना पड़ा। होली मनाने मैदानी क्षेत्रों से आ रहे यात्रियों को खासी फजीहत उठानी पड़ी। इस बीच, बारिश होने से चट्टानों को हटाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया था।