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अलाव जलाने के लिए शासन से नहीं मिलता धन
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। सभी शहरों में अलाव जलाने के लिए मुख्यमंत्री आदेश तो जारी कर रहे हैं, लेकिन इस मद में शासन से पालिकाओं को धनराशि नहीं दी जाती। हर साल पालिका अपने संसाधनों और मद से ही अलाव जलाने की व्यवस्था करती है। इस बार भी पालिका ने अलाव जलाने के लिए करीब 50 हजार रुपये की व्यवस्था की है और शुक्रवार से नगर के पांच स्थानों पर अलाव जलने लग जाएंगे।
अलाव जलाने के लिए निकायों को धन देने का शासन से कोई प्रावधान अब तक नहीं किया गया है, जबकि नगरपालिका के माध्यम से हर साल सर्दियां शुरू होने से पहले धन की मांग का पत्र शासन को भेजा जाता है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी ने बताया कि सर्दियों में गरीब तबके के लोगों, यात्रियों की समस्या को देखते हुए अनिवार्य रूप से अलाव जलाए जाते हैं। पिछले साल इस मद में 44 हजार रुपये की राशि खर्च हुई थी। इस बार भी पालिका ने अलाव जलाने के लिए 60 क्विंटल लकड़ी मंगा ली है। लकड़ी जलाने के लिए केरोसिन का इंतजाम कर दिया है।
शुक्रवार से सिल्थाम, रोडवेज बस स्टेशन, केएमओयू बस स्टेशन, टकाना चौराहा और नगरपालिका चौराहे पर अलाव जलने लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि ठंड का मौसम अब शुरू हुआ है। आगे जब तक ठंड पड़ेगी तब तक निर्धारित स्थानों पर अलाव जलाए जाएंगे। इधर, जिला मुख्यालय में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत मिल रही है। घाटी वाले इलाकों में सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाने के कारण जनजीवन पर असर पड़ रहा है।
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अन्य नगरों में भी यही व्यवस्था
जिले के अन्य नगरों में भी प्रशासन और नगर निकायों को ही अलाव जलाने की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। जिन नगरों में नगर पंचायत और नगरपालिका नहीं है, वहां पर स्थानीय प्रशासन अलाव जलाता है। कुछ छोटे कस्बों में स्थानीय व्यापारी भी अलाव जलाने में सहयोग देते हैं।
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अलाव जलाने के लिए निकायों को धन देने का शासन से कोई प्रावधान अब तक नहीं किया गया है, जबकि नगरपालिका के माध्यम से हर साल सर्दियां शुरू होने से पहले धन की मांग का पत्र शासन को भेजा जाता है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी ने बताया कि सर्दियों में गरीब तबके के लोगों, यात्रियों की समस्या को देखते हुए अनिवार्य रूप से अलाव जलाए जाते हैं। पिछले साल इस मद में 44 हजार रुपये की राशि खर्च हुई थी। इस बार भी पालिका ने अलाव जलाने के लिए 60 क्विंटल लकड़ी मंगा ली है। लकड़ी जलाने के लिए केरोसिन का इंतजाम कर दिया है।
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शुक्रवार से सिल्थाम, रोडवेज बस स्टेशन, केएमओयू बस स्टेशन, टकाना चौराहा और नगरपालिका चौराहे पर अलाव जलने लग जाएंगे। उन्होंने बताया कि ठंड का मौसम अब शुरू हुआ है। आगे जब तक ठंड पड़ेगी तब तक निर्धारित स्थानों पर अलाव जलाए जाएंगे। इधर, जिला मुख्यालय में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत मिल रही है। घाटी वाले इलाकों में सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाने के कारण जनजीवन पर असर पड़ रहा है।
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अन्य नगरों में भी यही व्यवस्था
जिले के अन्य नगरों में भी प्रशासन और नगर निकायों को ही अलाव जलाने की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। जिन नगरों में नगर पंचायत और नगरपालिका नहीं है, वहां पर स्थानीय प्रशासन अलाव जलाता है। कुछ छोटे कस्बों में स्थानीय व्यापारी भी अलाव जलाने में सहयोग देते हैं।