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लावारिश जानवरों की किसी को नहीं सुध
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। सीमांत में पड़ रही कड़ाके की ठंड के चलते सड़कों पर लावारिस घूमने वाले जानवर बेहाल हैं। बर्फ और पाले में उन्हें खुली में रात गुजारनी पड़ रही है। गौ रक्षा का दंभ भरने वाले संगठन भी ऐसे जानवरों की कोई सुध नहीं ले रहे हैं।
मंगलवार की सुबह पुलिस चौकी के ठीक सामने एक लावारिस पशु ठंड और भूख से बेहोश हो कर गिर गया। काफी देर तक वह सड़क किनारे ही पड़े रहा।
बाद में व्यापारियों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे उठाकर धूप में रखा और खाने को चारा दिया। इससे पशु के शरीर में जान आ गई। व्यापारियों ने पशुपालकों से जानवरों को भूख और ठंड से मरने के लिए सड़कों पर नहीं छोड़ने का अनुरोध किया है।
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मंगलवार की सुबह पुलिस चौकी के ठीक सामने एक लावारिस पशु ठंड और भूख से बेहोश हो कर गिर गया। काफी देर तक वह सड़क किनारे ही पड़े रहा।
बाद में व्यापारियों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे उठाकर धूप में रखा और खाने को चारा दिया। इससे पशु के शरीर में जान आ गई। व्यापारियों ने पशुपालकों से जानवरों को भूख और ठंड से मरने के लिए सड़कों पर नहीं छोड़ने का अनुरोध किया है।
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