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Pithoragarh News: मुनस्यारी और धारचूला के 11 वाइब्रेंट गांव सोलर लाइट से हुए रोशन
Sat, 15 Nov 2025 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:28 AM IST
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मुनस्यारी के वाइब्रेंट गांव में स्थापित सोलर स्ट्रीट लाइट। स्रोत: उरेडा
पिथौरागढ़। अब तक बिजली सुविधा से वंचित मुनस्यारी और धारचूला के वाइब्रेंट गांवों को सोलर लाइट से रोशन करने की पहल शुरू हुई है। उरेडा ने पहले चरण में मुनस्यारी और धारचूला के 11 वाइब्रेंट गांवों को सोलर लाइट से रोशन किया है। अब यहां के ग्रामीणों को घरों को रोशन करने के लिए मोमबत्ती का सहारा नहीं लेना होगा।
धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चीन सीमा पर स्थित गांवों में अब तक ग्रिड की बिजली नहीं पहुंच सकी है। इन गांवों में रहने वाले लोग अब भी बिजली से वंचित हैं। इनके लिए मोमबत्ती, लालटेन से घरों को रोशन करना ही एकमात्र विकल्प है। बिजली न होने से ग्रामीण कई तरह की दुश्वारियां झेल रहे हैं। अब इन गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल कर यहां मूलभूत आवश्यकताओं के विस्तार की पहल शुरू हुई। इसी योजना के तहत अब तक अंधेरे इन गांवों को सोलर लाइट से रोशन किया जा रहा है। उरेडा ने पहले चरण में 97.54 लाख रुपये से दोनों तहसीलों के 11 वाइब्रेंट गांवों में 447 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाकर इन्हें रोशन कर दिया है। दूसरे चरण में उरेडा 12 गांवों को सोलर की रोशनी से जगमग करेगा।
वन्य जीवों का खतरा होगा कम
इन वाइब्रेंट गांवों में रात के समय बिजली न होने से वन्यजीवों का खतरा बना है। आए दिन भालू, तेंदुआ सहित अन्य जीव अंधेरे में आबादी में पहुंच रहे हैं इससे ग्रामीण सहमे हैं। अब ये गांव सोलर लाइट से रोशन होंगे तो वन्य जीव भी घरों तक नहीं पहुंचेंगे। इससे ग्रामीणों को सुरक्षा मिलेगी।
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नपलच्यूऔर दुग्तू में लघु जल विद्युत परियोजना से मिल रही है बिजली
उरेडा ने नपलच्यू और दुग्तू को लघु जल विद्युत परियोजना से रोशन किया है। नपलच्यू में 50 तो दुग्तू में 25 किलोवाट की विद्युत परियोजना को धरातल पर उतारा गया है। इन परियोजना से ग्रामीणों को सिर्फ रात के समय ही बिजली मिलती है। अन्य वाइब्रेंट गांवों में सोलर लाइट स्थापित होने से ग्रामीणों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
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इन गांवों में स्थापित की गईं हैं सोलर लाइट
गांव सोलर लाइट
बुर्फू 41
मिलन 110
मरतोली 23
पांखू 27
रेलकोट 34
टूला 23
गुंजी 20
कूटी 90
नपल्चू 25
नाभी 32
रांगकांग 35
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कोट
वाइब्रेंट गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बिजली की कमी नहीं खलेगी। रात के समय इनकी रोशनी से ग्रामीणों को वन्य जीवों से भी सुरक्षा मिलेगी। - भूपाल सिंह कुवर, परियोजना अधिकारी, उरेडा, पिथौरागढ़
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धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चीन सीमा पर स्थित गांवों में अब तक ग्रिड की बिजली नहीं पहुंच सकी है। इन गांवों में रहने वाले लोग अब भी बिजली से वंचित हैं। इनके लिए मोमबत्ती, लालटेन से घरों को रोशन करना ही एकमात्र विकल्प है। बिजली न होने से ग्रामीण कई तरह की दुश्वारियां झेल रहे हैं। अब इन गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना में शामिल कर यहां मूलभूत आवश्यकताओं के विस्तार की पहल शुरू हुई। इसी योजना के तहत अब तक अंधेरे इन गांवों को सोलर लाइट से रोशन किया जा रहा है। उरेडा ने पहले चरण में 97.54 लाख रुपये से दोनों तहसीलों के 11 वाइब्रेंट गांवों में 447 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाकर इन्हें रोशन कर दिया है। दूसरे चरण में उरेडा 12 गांवों को सोलर की रोशनी से जगमग करेगा।
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वन्य जीवों का खतरा होगा कम
इन वाइब्रेंट गांवों में रात के समय बिजली न होने से वन्यजीवों का खतरा बना है। आए दिन भालू, तेंदुआ सहित अन्य जीव अंधेरे में आबादी में पहुंच रहे हैं इससे ग्रामीण सहमे हैं। अब ये गांव सोलर लाइट से रोशन होंगे तो वन्य जीव भी घरों तक नहीं पहुंचेंगे। इससे ग्रामीणों को सुरक्षा मिलेगी।
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नपलच्यूऔर दुग्तू में लघु जल विद्युत परियोजना से मिल रही है बिजली
उरेडा ने नपलच्यू और दुग्तू को लघु जल विद्युत परियोजना से रोशन किया है। नपलच्यू में 50 तो दुग्तू में 25 किलोवाट की विद्युत परियोजना को धरातल पर उतारा गया है। इन परियोजना से ग्रामीणों को सिर्फ रात के समय ही बिजली मिलती है। अन्य वाइब्रेंट गांवों में सोलर लाइट स्थापित होने से ग्रामीणों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
इन गांवों में स्थापित की गईं हैं सोलर लाइट
गांव सोलर लाइट
बुर्फू 41
मिलन 110
मरतोली 23
पांखू 27
रेलकोट 34
टूला 23
गुंजी 20
कूटी 90
नपल्चू 25
नाभी 32
रांगकांग 35
कोट
वाइब्रेंट गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बिजली की कमी नहीं खलेगी। रात के समय इनकी रोशनी से ग्रामीणों को वन्य जीवों से भी सुरक्षा मिलेगी। - भूपाल सिंह कुवर, परियोजना अधिकारी, उरेडा, पिथौरागढ़