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हाईकोर्ट के निर्देश पर आवंटित की गई मैस निविदा: कुलसचिव
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जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी प्रशासन ने क्षेत्र के कुछ लोगों पर संस्थान की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया है। संस्थान के कुलसचिव ने कहा कि मैस की निविदा हाईकोर्ट के आदेश पर आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि विरोध जताने वालों में शामिल एक व्यक्ति करीब 10 वर्ष तक बिना निविदा के ही मैस संचालित कर रहा था। उस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण में कई अनियमितताएं मिली थीं। इस व्यक्ति ने जीएसटी तक का भुगतान नहीं किया है।
जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में मैस की निविदा के आवंटन पर कांग्रेसियों ने विरोध जताते हुए बुधवार को डीएम पौड़ी से शिकायत की थी। कांग्रेसियों ने कुलसचिव पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने निविदा को ऑनलाइन किए जाने के साथ ही जांच की मांग भी की थी। मामले में संस्थान के कुलसचिव संदीप कुमार ने कहा कि मैस की निविदा वर्ष 2017 में निकाली गई थी। निविदा आवंटित होने पर क्षेत्रीय जनता ने 2 माह तक विरोध प्रदर्शन किया। इसीलिए संस्थान ने जनहित में निविदा निरस्त कर दी थी। लेकिन निविदा हासिल करने वालों ने हाईकोर्ट में मामले का चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर फरवरी 2019 में एल-1 और एल-2 को 10 में से 5-5 मैस आवंटित की गई थीं।
उन्होंने कहा कि कालेज की छवि धूमिल करने में जुटे कुछ लोग कह रहे हैं कि निविदा दोबारा नवंबर 2020 में प्रकाशित की गई, लेकिन इस समय कोई निविदा जारी ही नहीं हुई।
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जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में मैस की निविदा के आवंटन पर कांग्रेसियों ने विरोध जताते हुए बुधवार को डीएम पौड़ी से शिकायत की थी। कांग्रेसियों ने कुलसचिव पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने निविदा को ऑनलाइन किए जाने के साथ ही जांच की मांग भी की थी। मामले में संस्थान के कुलसचिव संदीप कुमार ने कहा कि मैस की निविदा वर्ष 2017 में निकाली गई थी। निविदा आवंटित होने पर क्षेत्रीय जनता ने 2 माह तक विरोध प्रदर्शन किया। इसीलिए संस्थान ने जनहित में निविदा निरस्त कर दी थी। लेकिन निविदा हासिल करने वालों ने हाईकोर्ट में मामले का चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर फरवरी 2019 में एल-1 और एल-2 को 10 में से 5-5 मैस आवंटित की गई थीं।
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उन्होंने कहा कि कालेज की छवि धूमिल करने में जुटे कुछ लोग कह रहे हैं कि निविदा दोबारा नवंबर 2020 में प्रकाशित की गई, लेकिन इस समय कोई निविदा जारी ही नहीं हुई।
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