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चिंता का विषय : समय से पहले लगे फल व खिले फूल
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श्रीनगर। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाले राज्य वृक्ष बुरांश पर समय से पहले ही फूल खिलने लगे हैं। साथ ही ऊंचाई पर होने वाले काफल के पेड़ों पर भी फल आने लगे हैं। समय से पहले ही पेड़ों में फूल और फल लगना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चिंतनीय बताया जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार असमय ही इन फूलों का खिलना व फलों का लगना जलवायु परिवर्तन का एक बड़ा कारण है।
आमतौर पर मार्च में बुरांश के पेड़ों पर फूल लगने शुरू होते हैं, जबकि इसी दौरान काफल के पेड़ों में भी फल आते हैं। लेकिन यहां खिर्सू-पौड़ी मार्ग के जंगल में जनवरी मध्य से ही बुरांश के फूल व काफल के पेड़ों पर फल दिखने लग गए हैं। लगातार जलवायु में हो रहे परिवर्तनों का असर पेड़-पौधों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कहीं पेड़ों में समय से पूर्व फल व फूल आने तो कहीं बारिश व बर्फबारी न होने से प्रकृति में हो रहे परिवर्तनों को देखा जा सकता है। औषधीय गुणों से भरपूर बुरांश के फूल के असमय खिलने से इसके औषधीय गुणों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
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आमतौर पर मार्च में बुरांश के पेड़ों पर फूल लगने शुरू होते हैं, जबकि इसी दौरान काफल के पेड़ों में भी फल आते हैं। लेकिन यहां खिर्सू-पौड़ी मार्ग के जंगल में जनवरी मध्य से ही बुरांश के फूल व काफल के पेड़ों पर फल दिखने लग गए हैं। लगातार जलवायु में हो रहे परिवर्तनों का असर पेड़-पौधों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कहीं पेड़ों में समय से पूर्व फल व फूल आने तो कहीं बारिश व बर्फबारी न होने से प्रकृति में हो रहे परिवर्तनों को देखा जा सकता है। औषधीय गुणों से भरपूर बुरांश के फूल के असमय खिलने से इसके औषधीय गुणों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
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