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विभाग में सरकार के बढ़ते दखल से चरमराई शिक्षा व्यवस्था: प्रदेश अध्यक्ष
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पौड़ी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में सरकार के बढ़ते दखल से पूरी शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। डिमरी ने कहा कि प्रदेश में स्थानांतरण व पदोन्नतियां निश्चित समय में सतत प्रक्रिया के तहत होने चाहिए।
शनिवार को मंडल मुख्यालय पौड़ी में राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने पत्रकारवार्ता की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पौड़ी जनांदोलनों की भूमि है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के लिए इंद्रमणि बडोनी व अन्य आंदोलनकारियों पर आज के ही दिन तत्कालीन यूपी सरकार ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि पौड़ी की ही इस धरती पर आज के दिन बीरबाला तीलू रौतेली की जयंती भी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा विभाग को कोर्ट व शासन चला रहे हैं। शिक्षा विभाग में स्थानांतरण, पदोन्नति जैसे विभागीय कार्यों में सरकार अत्यधिक हस्तक्षेप कर रही है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। डिमरी ने कहा कि सरकार को विभागीय कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानाध्यापक के 500 और प्रधानाचार्यों के एक हजार से अधिक पद खाली हैं, जिससे ये पद प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं। प्रभारी शिक्षा व प्रशासनिक कार्यों के बीच अपने दायित्यों के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष डिमरी ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए मानवीय संसाधनों का होना अति आवश्यक है। कहा कि शिक्षकों की गोपनीय आख्या ऑनलाइन की जानी चाहिए, जिससे शिक्षक अपनी गोपनीय आख्या का अवलोकन कर सकें। इस अवसर पर राजकीय शिक्षक संघ पौड़ी के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत, उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, डॉ. कमलेश मिश्रा, राकेश मोहन कंडारी व सीता राम पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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शनिवार को मंडल मुख्यालय पौड़ी में राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने पत्रकारवार्ता की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पौड़ी जनांदोलनों की भूमि है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के लिए इंद्रमणि बडोनी व अन्य आंदोलनकारियों पर आज के ही दिन तत्कालीन यूपी सरकार ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि पौड़ी की ही इस धरती पर आज के दिन बीरबाला तीलू रौतेली की जयंती भी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा विभाग को कोर्ट व शासन चला रहे हैं। शिक्षा विभाग में स्थानांतरण, पदोन्नति जैसे विभागीय कार्यों में सरकार अत्यधिक हस्तक्षेप कर रही है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। डिमरी ने कहा कि सरकार को विभागीय कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानाध्यापक के 500 और प्रधानाचार्यों के एक हजार से अधिक पद खाली हैं, जिससे ये पद प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं। प्रभारी शिक्षा व प्रशासनिक कार्यों के बीच अपने दायित्यों के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष डिमरी ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए मानवीय संसाधनों का होना अति आवश्यक है। कहा कि शिक्षकों की गोपनीय आख्या ऑनलाइन की जानी चाहिए, जिससे शिक्षक अपनी गोपनीय आख्या का अवलोकन कर सकें। इस अवसर पर राजकीय शिक्षक संघ पौड़ी के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत, उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, डॉ. कमलेश मिश्रा, राकेश मोहन कंडारी व सीता राम पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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