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Pauri News: डीजल चोरी के आरोपियों को अदालत ने किया दोषमुक्त
Tue, 28 Jul 2026 04:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 28 Jul 2026 04:04 PM IST
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- निर्माण कंपनी की पोकलैंड मशीन से डीजल चोरी करने का था आरोप
पौड़ी। अदालत ने निर्माण कंपनी की पोकलैंड मशीन से डीजल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट व सिविल जज (जू.डि) लैंसडौन प्रिया साह की अदालत ने सुनाया।
शिवालिक बिल्डटेक प्रा.लि. कंपनी के मैनेजर विनय सिंह भदौरिया ने 25 अगस्त 2025 को पुलिस को कंपनी की पोकलैंड मशीन से 70 लीटर डीजल चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बिजनौर निवासी विकास, मोनू व कमल पर डीजल चोरी के आरोप लगाए थे। बताया कि आरोपी ने 24 अगस्त 2025 को कुल्हाड़ बैंड बैरगांव के समीप खड़ी पोकलैंड मशीन में डीजल चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 10 अप्रैल 2026 को आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए। अभियोजन का दावा था कि आरोपियों के कब्जे से 70 लीटर डीजल, छह जरीकैन और घटना में प्रयुक्त कार बरामद हुई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। प्रत्यक्ष रूप से चोरी होते हुए किसी आरोपी को देखने संबंधी साक्ष्य भी स्पष्ट और भरोसेमंद नहीं मिले। बरामदगी और अन्य साक्ष्य भी आरोपों को निर्विवाद रूप से सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। यहां तक कि चोरी हुए डीजल का न तो रासायनिक परीक्षण हुआ और ना ही बरामद माल को सेंपल के लिए एफएसएल भेजे गए। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दाेषमुक्त कर दिया।
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पौड़ी। अदालत ने निर्माण कंपनी की पोकलैंड मशीन से डीजल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट व सिविल जज (जू.डि) लैंसडौन प्रिया साह की अदालत ने सुनाया।
शिवालिक बिल्डटेक प्रा.लि. कंपनी के मैनेजर विनय सिंह भदौरिया ने 25 अगस्त 2025 को पुलिस को कंपनी की पोकलैंड मशीन से 70 लीटर डीजल चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बिजनौर निवासी विकास, मोनू व कमल पर डीजल चोरी के आरोप लगाए थे। बताया कि आरोपी ने 24 अगस्त 2025 को कुल्हाड़ बैंड बैरगांव के समीप खड़ी पोकलैंड मशीन में डीजल चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 10 अप्रैल 2026 को आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए। अभियोजन का दावा था कि आरोपियों के कब्जे से 70 लीटर डीजल, छह जरीकैन और घटना में प्रयुक्त कार बरामद हुई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। प्रत्यक्ष रूप से चोरी होते हुए किसी आरोपी को देखने संबंधी साक्ष्य भी स्पष्ट और भरोसेमंद नहीं मिले। बरामदगी और अन्य साक्ष्य भी आरोपों को निर्विवाद रूप से सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। यहां तक कि चोरी हुए डीजल का न तो रासायनिक परीक्षण हुआ और ना ही बरामद माल को सेंपल के लिए एफएसएल भेजे गए। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दाेषमुक्त कर दिया।
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