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मेडिकल फील्ड में बेहद मददगार है इमेज प्रोसेसिंग
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:25 PM IST
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पौड़ी। जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी घुड़दौड़ी में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग के जरिए मेडिकल फील्ड में उपलब्धियों को सामने रखा गया। एक्स-रे रेडियोग्राफी, कंप्यूटर टोलोग्राफी, चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग, अल्ट्रासाउंड इमेजिंग आदि प्रणालियों पर जानकारी दी गई।
जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग वर्कशॉप छात्रों की रुचिकर बनी हुई है। कार्यशाला में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग के अलावा छात्रों को यह भी बताया जा रहा है कि शोध में डिजिटल इमेज का क्या महत्व है। जीबी पंत कंप्यूटर साइंस के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डा. एसएस भदौरिया ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान इमेजिंग तकनीक पर निर्भर हो रहा है और इससे रोगों की सही जानकारी के साथ उनका निदान भी किया जा रहा है। न्यूक्लिर मेडिसिन, अबडोमन स्कैन इमेजिंग के क्षेत्र में इसका उपयोग हो रहा है।
वर्कशॉप के दूसरे सत्र में आईटीई लखनऊ के डा. केवी आर्य ने सर्विलेंस इमेज में इस्तेमाल होने वाली इमेज वृद्धि और रेस्ट्रोरेशन तकनीक के साथ-साथ शोधार्थियों के लिए शोध पत्र लेखन के बिंदुओं की जानकारी दी। बताया कि पीएचडी और एमटेक के छात्र-छात्राओं को इससे काफी लाभ मिलेगा। कार्यशाला में डा. आशीष नेगी, डा. एमके पांडा, डा. यशवंत सिंह चौहान, डा. भोला झा, डा. अशुतोष गुप्ता, डा. वीएम मिश्रा, डा. भूमिका गुप्ता, नितिन बलियान, वीएम ठक्कर, जोगेंद्र, सिद्धार्थ, पपेंद्र कुमार, दीपक डंगवाल व अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग वर्कशॉप छात्रों की रुचिकर बनी हुई है। कार्यशाला में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग के अलावा छात्रों को यह भी बताया जा रहा है कि शोध में डिजिटल इमेज का क्या महत्व है। जीबी पंत कंप्यूटर साइंस के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डा. एसएस भदौरिया ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान इमेजिंग तकनीक पर निर्भर हो रहा है और इससे रोगों की सही जानकारी के साथ उनका निदान भी किया जा रहा है। न्यूक्लिर मेडिसिन, अबडोमन स्कैन इमेजिंग के क्षेत्र में इसका उपयोग हो रहा है।
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वर्कशॉप के दूसरे सत्र में आईटीई लखनऊ के डा. केवी आर्य ने सर्विलेंस इमेज में इस्तेमाल होने वाली इमेज वृद्धि और रेस्ट्रोरेशन तकनीक के साथ-साथ शोधार्थियों के लिए शोध पत्र लेखन के बिंदुओं की जानकारी दी। बताया कि पीएचडी और एमटेक के छात्र-छात्राओं को इससे काफी लाभ मिलेगा। कार्यशाला में डा. आशीष नेगी, डा. एमके पांडा, डा. यशवंत सिंह चौहान, डा. भोला झा, डा. अशुतोष गुप्ता, डा. वीएम मिश्रा, डा. भूमिका गुप्ता, नितिन बलियान, वीएम ठक्कर, जोगेंद्र, सिद्धार्थ, पपेंद्र कुमार, दीपक डंगवाल व अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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