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70 महाविद्यालयों में अनुदान को लेकर संकट
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:08 PM IST
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पौड़ी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने महाविद्यालयों को अनुदान के लिए नए मानक निर्धारित कर दिए हैं। इन मानकों के चलते प्रदेश के 100 में से 70 महाविद्यालयों पर संकट छा गया है। इन महाविद्यालयों को अनुदान के लिए अब नए मानकों पर खरा उतरना होगा।
यूजीसी के नए मानकों के अनुसार अब कला संकाय में कम से कम सात नियमित शिक्षकों का होना अनिवार्य है। इसके अलावा महाविद्यालय में वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय हैं तो कम से कम 11 नियमित शिक्षक होने चाहिए, जबकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय है तो उसमें कम से कम पांच शिक्षक एवं कला संकाय है तो चार शिक्षक अनिवार्य हैं। इसके अलावा महाविद्यालयों का राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद से निरीक्षण भी अनिवार्य है। प्रदेश के महाविद्यालयों की स्थिति यह है कि प्रदेश में लगभग बीस ऐसे महाविद्यालय हैं, जहां सात नियमित शिक्षक भी नहीं हैं। वहीं 70 महाविद्यालयों ने अब तक नैक का निरीक्षण नहीं कराया। इसकी वजह यह है कि इन महाविद्यालयों में मानक ही पूरे नहीं हैं। प्रत्येक महाविद्यालय को यूजीसी से अनुदान के लिए हर पांच साल में नैक का निरीक्षण कराना अनिवार्य है।
यूजीसी के नए मानकों के चलते अनुदान को लेकर दिक्कत तो होगी ही। कई महाविद्यालयों में न्यूनतम मानक भी पूरे नहीं हैं। धीरे-धीरे इन महाविद्यालयों में मानकों को पूरा किया जाएगा।
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-डा. जेसी घिल्डियाल, निदेशक उच्च शिक्षा
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यूजीसी के नए मानकों के अनुसार अब कला संकाय में कम से कम सात नियमित शिक्षकों का होना अनिवार्य है। इसके अलावा महाविद्यालय में वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय हैं तो कम से कम 11 नियमित शिक्षक होने चाहिए, जबकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय है तो उसमें कम से कम पांच शिक्षक एवं कला संकाय है तो चार शिक्षक अनिवार्य हैं। इसके अलावा महाविद्यालयों का राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद से निरीक्षण भी अनिवार्य है। प्रदेश के महाविद्यालयों की स्थिति यह है कि प्रदेश में लगभग बीस ऐसे महाविद्यालय हैं, जहां सात नियमित शिक्षक भी नहीं हैं। वहीं 70 महाविद्यालयों ने अब तक नैक का निरीक्षण नहीं कराया। इसकी वजह यह है कि इन महाविद्यालयों में मानक ही पूरे नहीं हैं। प्रत्येक महाविद्यालय को यूजीसी से अनुदान के लिए हर पांच साल में नैक का निरीक्षण कराना अनिवार्य है।
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यूजीसी के नए मानकों के चलते अनुदान को लेकर दिक्कत तो होगी ही। कई महाविद्यालयों में न्यूनतम मानक भी पूरे नहीं हैं। धीरे-धीरे इन महाविद्यालयों में मानकों को पूरा किया जाएगा।
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-डा. जेसी घिल्डियाल, निदेशक उच्च शिक्षा