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बुजुर्गों ने धरने पर बैठकर लगाई सरकार से गुहार
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:49 PM IST
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पौड़ी। जन-सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता लिए वयोवृद्ध कृषि पंडित विद्यादत्त शर्मा और चकबंदी नेता गणेश गरीब कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे। उन्होंने यात्रा शुरू होने पर ग्रामीण क्षेत्रों की बस सेवाएं बंद न करने की अपील की। कहा कि यातायात सेवाएं बंद होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कलेक्ट्रेट के सामने 84 वर्षीय कृषि पंडित विद्यादत्त शर्मा व 72 साल के चकबंदी नेता गणेश गरीब धरने पर बैठे। जिलाधिकारी सुशील कुमार को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि मई-जून में जीएमओयू की बसों को चारधाम यात्रा पर भेजे जाने से स्थानीय लोगों को आवागमन के संकट हो जाता है। गर्मी के सीजन में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आस्थाओं से जुड़े प्रवासी गढ़वाली गांव घरों में गृह देवता, ग्राम देवता और क्षेत्रीय देव दर्शन के लिए लौटते हैं। मई-जून ऐसा वक्त होता है जब पहाड़ी जीवन में उत्सव मनाने के लिए कथा, जागर, मंडाण और मेले लगते हैं। पौड़ी गढ़वाल के इगासर, तड़ासर, खैरालिंग, विनसर, ज्वाल्पा धाम, कांडा, बूंखाल कालिंका आदि देव स्थलों में श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं। धरने पर बैठे बुजुर्गों ने कहा कि परिवहन आयुक्त को आदेश दिए जाएं कि जिन मार्गों पर एकमात्र बस सेवा संचालित होती है वहां सेवाएं जारी रहें। धरने पर कुलदेव, देवानंद नौटियाल, भक्तिशाह, मनोज रावत आदि भी बैठे।
कलेक्ट्रेट के सामने 84 वर्षीय कृषि पंडित विद्यादत्त शर्मा व 72 साल के चकबंदी नेता गणेश गरीब धरने पर बैठे। जिलाधिकारी सुशील कुमार को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि मई-जून में जीएमओयू की बसों को चारधाम यात्रा पर भेजे जाने से स्थानीय लोगों को आवागमन के संकट हो जाता है। गर्मी के सीजन में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आस्थाओं से जुड़े प्रवासी गढ़वाली गांव घरों में गृह देवता, ग्राम देवता और क्षेत्रीय देव दर्शन के लिए लौटते हैं। मई-जून ऐसा वक्त होता है जब पहाड़ी जीवन में उत्सव मनाने के लिए कथा, जागर, मंडाण और मेले लगते हैं। पौड़ी गढ़वाल के इगासर, तड़ासर, खैरालिंग, विनसर, ज्वाल्पा धाम, कांडा, बूंखाल कालिंका आदि देव स्थलों में श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं। धरने पर बैठे बुजुर्गों ने कहा कि परिवहन आयुक्त को आदेश दिए जाएं कि जिन मार्गों पर एकमात्र बस सेवा संचालित होती है वहां सेवाएं जारी रहें। धरने पर कुलदेव, देवानंद नौटियाल, भक्तिशाह, मनोज रावत आदि भी बैठे।
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