{"_id":"5b38ffb34f1c1b8c668b4e33","slug":"21530462131-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम फेल, चल रहा ऑवर लोडिंग का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम फेल, चल रहा ऑवर लोडिंग का खेल
Updated Sun, 01 Jul 2018 09:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। जनपद पौड़ी में परिवहन व्यवस्था पटरी से बाहर हो गई है। विभिन्न रूटों पर यातायात की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से पहाड़ के लोगों को खस्ताहाल एवं ओवरलोडिंग वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। खासकर यात्रा सीजन के दौरान यह स्थिति बनी रहती है, जिससे सड़क हादसे हो रहे हैं।
जिले में विभिन्न रूटों से निजी बस संचालकों द्वारा बसें हटाकर यात्रा में लगाए जाने से यात्रियों को शुरू से ही परेशानी उठानी पड़ रही है, गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन की पौड़ी से पातल, चौबट्टा, श्रीनगर, देहलचोरी, त्रिपालीसैंण, टंगरोली, कालेश्वर, खेड़ाखाल आदि रूटों की बस सेवाएं बंद कर यात्रा में लगा दी गई थी। इसके अलावा बहुउद्देशीय सहकारी समिति की भी कई बसें यात्रा में लगी हैं। छोटे वाहन भी यात्रा में हैं। सीजन में यात्रियों के हिसाब से उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में अधिकतर यात्रियों को सीमित बसों एवं छोटे वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। सब कुछ जानकर भी शासन प्रशासन इस समस्या के प्रति आंखें मूंदे रहा। हाल ही में इस स्थिति से जनपद के दौरे पर पहुंचे तत्कालीन जनपद के प्रभारी एवं परिवहन मंत्री यशपाल आर्य को भी स्थानीय लोगों की ओर से इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों की छुट्टियों में लोग अपने गांव आते हैं, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों के लिए पर्याप्त यातायात सुविधा न होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन
जिले में विभिन्न रूटों से निजी बस संचालकों द्वारा बसें हटाकर यात्रा में लगाए जाने से यात्रियों को शुरू से ही परेशानी उठानी पड़ रही है, गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन की पौड़ी से पातल, चौबट्टा, श्रीनगर, देहलचोरी, त्रिपालीसैंण, टंगरोली, कालेश्वर, खेड़ाखाल आदि रूटों की बस सेवाएं बंद कर यात्रा में लगा दी गई थी। इसके अलावा बहुउद्देशीय सहकारी समिति की भी कई बसें यात्रा में लगी हैं। छोटे वाहन भी यात्रा में हैं। सीजन में यात्रियों के हिसाब से उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में अधिकतर यात्रियों को सीमित बसों एवं छोटे वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। सब कुछ जानकर भी शासन प्रशासन इस समस्या के प्रति आंखें मूंदे रहा। हाल ही में इस स्थिति से जनपद के दौरे पर पहुंचे तत्कालीन जनपद के प्रभारी एवं परिवहन मंत्री यशपाल आर्य को भी स्थानीय लोगों की ओर से इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों की छुट्टियों में लोग अपने गांव आते हैं, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों के लिए पर्याप्त यातायात सुविधा न होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन