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पुलिस, लोनिवि और परिवहन विभाग के अधिकारी नपेंगे
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:00 PM IST
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धुमाकोट हादसे में तीन विभागों की लापरवाही आई सामने
दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, घटनास्थल पर पहुंचे जांच अधिकारी
दुर्दशाग्रस्त मिली सड़क, काल बने गड्ढे और टूटे हुए पुश्ते का भी किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
पौड़ी/कोटद्वार/धुमाकोट।
जिले के धुमाकोट क्षेत्र में रविवार को हुए बस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। सोमवार को लैंसडौन के उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की। मामले में पुलिस, लोनिवि और परिवहन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
अधिकारियों ने जांच के लिए दुर्घटनास्थल से जरूरी फोटोग्राफ और लोगों के बयान भी लिए। एसडीएम मेहता ने बताया कि लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश, लोनिवि के बैजरो डिवीजन के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल, सहायक अभियंता रविशंकर यादव और राजस्व अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया गया है। मौके पर सड़क की खराब हालत पाई गई है। सड़क पर पड़े गड्ढे और टूटे पुश्ते का भी निरीक्षण कर लिया गया है।
जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि उपजिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिस भी स्तर से लापरवाही सामने आएगी, संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद आईआरएस (इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम) में भी कुछ कमियां नजर आई हैं। आपदा कंट्रोल रूम को ठीक करने की जरूरत है।
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हर तहसील और थानों में रखे जाएंगे अब राहत, बचाव उपकरण
पौड़ी। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि राहत एवं बचाव के उपकरण पौड़ी में थे, जबकि घटनास्थल यहां से काफी दूर था। इस हादसे से सबक लेते हुए अब राहत एवं बचाव के उपकरण थानों एवं तहसीलों में रखे जाएंगे। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी कहा गया है कि यदि उन्हें उपकरणों की जरूरत है तो इसके लिए प्रस्ताव दें। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए बॉडी बैग और कुछ अन्य उपकरणों की खरीद की जाएगी।
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मृतक आश्रितों को एक लाख और घायलों को दिए दस हजार
जिलाधिकारी ने कहा कि मृतक आश्रितों को परिवहन आयुक्त मद से एक-एक लाख एवं घायलों को दस-दस हजार रुपये दिए गए हैं। सोमवार को मृतकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जबकि इसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि मिलने पर एक-एक लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी।
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दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, घटनास्थल पर पहुंचे जांच अधिकारी
दुर्दशाग्रस्त मिली सड़क, काल बने गड्ढे और टूटे हुए पुश्ते का भी किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
पौड़ी/कोटद्वार/धुमाकोट।
जिले के धुमाकोट क्षेत्र में रविवार को हुए बस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। सोमवार को लैंसडौन के उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की। मामले में पुलिस, लोनिवि और परिवहन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
अधिकारियों ने जांच के लिए दुर्घटनास्थल से जरूरी फोटोग्राफ और लोगों के बयान भी लिए। एसडीएम मेहता ने बताया कि लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश, लोनिवि के बैजरो डिवीजन के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल, सहायक अभियंता रविशंकर यादव और राजस्व अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया गया है। मौके पर सड़क की खराब हालत पाई गई है। सड़क पर पड़े गड्ढे और टूटे पुश्ते का भी निरीक्षण कर लिया गया है।
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जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि उपजिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिस भी स्तर से लापरवाही सामने आएगी, संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद आईआरएस (इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम) में भी कुछ कमियां नजर आई हैं। आपदा कंट्रोल रूम को ठीक करने की जरूरत है।
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हर तहसील और थानों में रखे जाएंगे अब राहत, बचाव उपकरण
पौड़ी। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि राहत एवं बचाव के उपकरण पौड़ी में थे, जबकि घटनास्थल यहां से काफी दूर था। इस हादसे से सबक लेते हुए अब राहत एवं बचाव के उपकरण थानों एवं तहसीलों में रखे जाएंगे। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी कहा गया है कि यदि उन्हें उपकरणों की जरूरत है तो इसके लिए प्रस्ताव दें। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए बॉडी बैग और कुछ अन्य उपकरणों की खरीद की जाएगी।
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मृतक आश्रितों को एक लाख और घायलों को दिए दस हजार
जिलाधिकारी ने कहा कि मृतक आश्रितों को परिवहन आयुक्त मद से एक-एक लाख एवं घायलों को दस-दस हजार रुपये दिए गए हैं। सोमवार को मृतकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जबकि इसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि मिलने पर एक-एक लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी।