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पंचायतों की एसआईटी जांच पर भड़के ग्राम प्रधान
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:44 PM IST
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थलीसैंण। पंचायतों की एसआईटी जांच के विरोध में ग्राम प्रधानों ने बुधवार को क्षेत्र पंचायत थलीसैंण की बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधानों ने कहा कि सरकार एक ओर पंचायतों की एसआईटी जांच करा रही है। वहीं विधायक और सांसद निधि को जांच के इस दायरे से बाहर रखा गया है।
थलीसैंण ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत प्रमुख शिव सिंह गुसाईं, एसडीएम वरुण अग्रवाल और बीडीओ सुंदर सिंह नेगी के पहुंचते ही ग्राम प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर सिंह, यशोदा धस्माना व भगत सिंह भंडारी आदि ने भी ग्राम प्रधानों की मांगों का समर्थन किया। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि मात्र पंचायतों में पारदर्शिता के नाम पर एसआईटी जांच के जिस तरह के आदेश दिए गए हैं, इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में एनजीओ के माध्यम से सोशल ऑडिट के नाम पर भी पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को परेशान किया जा रहा है। बैठक का बहिष्कार करने वालों में ग्राम प्रधान साधु राम पोखरियाल, सुरेंद्र सिंह, मुकेश ममगाईं आदि शामिल रहे। ग्राम प्रधानों ने मांगों को लेकर बाद में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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थलीसैंण ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत प्रमुख शिव सिंह गुसाईं, एसडीएम वरुण अग्रवाल और बीडीओ सुंदर सिंह नेगी के पहुंचते ही ग्राम प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर सिंह, यशोदा धस्माना व भगत सिंह भंडारी आदि ने भी ग्राम प्रधानों की मांगों का समर्थन किया। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि मात्र पंचायतों में पारदर्शिता के नाम पर एसआईटी जांच के जिस तरह के आदेश दिए गए हैं, इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में एनजीओ के माध्यम से सोशल ऑडिट के नाम पर भी पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को परेशान किया जा रहा है। बैठक का बहिष्कार करने वालों में ग्राम प्रधान साधु राम पोखरियाल, सुरेंद्र सिंह, मुकेश ममगाईं आदि शामिल रहे। ग्राम प्रधानों ने मांगों को लेकर बाद में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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