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जिले में अवैध खनन पर कसरेगी नकेल, रवने हुए ऑन लाइन
Updated Sat, 28 Oct 2017 10:54 PM IST
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पौड़ी। नदियों और गदेरों में अवैध खनन पर अब प्रशासन पैनी नजर रखेगा। खनन की तमाम गतिविधियां अब ऑनलाइन रहेंगी। प्रदेश की जियोलॉजी माइनिंग यूनिट के सहयोग से जिला प्रशासन ने खनन का रवन्ना ऑनलाइन कर दिया है। प्रशासन का दावा है कि रवन्ना ऑनलाइन होने के बाद अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में खनन से प्राप्त सामग्री के रवन्नों की ऑनलाइन प्रक्रिया की तकनीकी जानकारियां दी गईं। जिलाधिकारी ने एसडीएम और तहसीलदारों को खनन की ऑनलाइन प्रक्रिया को अपनाने को कहा। एसडीएम को निर्देश दिए गए कि मोबाइल से खनन गतिविधि पर नजर रखें। बैठक में भूतल एवं खनिज कार्य इकाई के उप निदेशक जीडी प्रसाद तथा दिनेश कुमार ने ई-रवन्ना प्रक्रिया के बारे में बताया कि खनन के क्षेत्र में रवन्ने को लेकर कई प्रकार की खामियां पाई जाती हैं। इसके अलावा, अवैध रवन्नों से राजस्व को भारी नुकसान होता है। पारंपरिक रवन्ने की जगह अब ई-रवन्ना इस्तेमाल किया जाएगा। डीएम ने कहा कि यह अनिवार्य है और एसडीएम और तहसीलदार इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें। बैठक में एडीएम रामजी शरण, एसडीएम सदर केएस नेगी, एसडीएम कोटद्वार राकेश तिवारी, एसडीएम श्रीनगर एमडी जोशी, एसडीएम थलीसैंण कमलेश मेहता, एसडीएम लैंसडोन सोहन सिंह सैनी व तहसीलदार मौजूद रहे।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में खनन से प्राप्त सामग्री के रवन्नों की ऑनलाइन प्रक्रिया की तकनीकी जानकारियां दी गईं। जिलाधिकारी ने एसडीएम और तहसीलदारों को खनन की ऑनलाइन प्रक्रिया को अपनाने को कहा। एसडीएम को निर्देश दिए गए कि मोबाइल से खनन गतिविधि पर नजर रखें। बैठक में भूतल एवं खनिज कार्य इकाई के उप निदेशक जीडी प्रसाद तथा दिनेश कुमार ने ई-रवन्ना प्रक्रिया के बारे में बताया कि खनन के क्षेत्र में रवन्ने को लेकर कई प्रकार की खामियां पाई जाती हैं। इसके अलावा, अवैध रवन्नों से राजस्व को भारी नुकसान होता है। पारंपरिक रवन्ने की जगह अब ई-रवन्ना इस्तेमाल किया जाएगा। डीएम ने कहा कि यह अनिवार्य है और एसडीएम और तहसीलदार इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें। बैठक में एडीएम रामजी शरण, एसडीएम सदर केएस नेगी, एसडीएम कोटद्वार राकेश तिवारी, एसडीएम श्रीनगर एमडी जोशी, एसडीएम थलीसैंण कमलेश मेहता, एसडीएम लैंसडोन सोहन सिंह सैनी व तहसीलदार मौजूद रहे।
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