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सैनिकों की आड़ में भाजपा कर रही राजनीति
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श्रीनगर। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेंद्र खंडूड़ी ने भाजपा पर रक्षा बजट और सेना के मामले में हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सैनिकों के हितैषी होने का दावा करती है, लेेकिन वास्तविकता इसके उलट है। वन रेंक वन पेंशन (ओआरओपी), रक्षा बजट, हथियारों के आधुनिकीकरण और सैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं के मामले में केंद्र की भाजपा सरकार फेल रही है।
रविवार को यहां पत्रकारों के समक्ष खंडूड़ी ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने ओआरओपी मामले में सैनिकों के साथ छल किया है। सैनिकों ने हर साल ओआरओपी की समीक्षा की मांग की थी, लेकिन सरकार ने पांच साल का प्रावधान कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रक्षा संबंधी स्थायी समिति के सभापति बीसी खंडूड़ी ने रक्षा बजट के संबंध में कड़ा पत्र लिखा, तो उन्हें हटा दिया गया। बीसी खंडूड़ी ने केंद्रीय राजपत्रित अधिकारियों के अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया था, जिसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस मौके पर कांग्रेस के नगराध्यक्ष भूपेंद्र पुंडीर, वीरेंद्र नेगी, गणपति भट्ट, लाल सिंह नेगी, हीरा लाल जैन, रघुवीर और भगत डागर आदि उपस्थित थे।
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रविवार को यहां पत्रकारों के समक्ष खंडूड़ी ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने ओआरओपी मामले में सैनिकों के साथ छल किया है। सैनिकों ने हर साल ओआरओपी की समीक्षा की मांग की थी, लेकिन सरकार ने पांच साल का प्रावधान कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रक्षा संबंधी स्थायी समिति के सभापति बीसी खंडूड़ी ने रक्षा बजट के संबंध में कड़ा पत्र लिखा, तो उन्हें हटा दिया गया। बीसी खंडूड़ी ने केंद्रीय राजपत्रित अधिकारियों के अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया था, जिसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस मौके पर कांग्रेस के नगराध्यक्ष भूपेंद्र पुंडीर, वीरेंद्र नेगी, गणपति भट्ट, लाल सिंह नेगी, हीरा लाल जैन, रघुवीर और भगत डागर आदि उपस्थित थे।
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