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Nainital News: नौ माह बाद भी भूमि के कुर्रे न होने पर एसडीएम को किया तलब
Sun, 28 Jun 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 28 Jun 2026 12:25 AM IST
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हल्द्वानी। आयुक्त दीपक रावत ने नौ माह बाद भी जमीन के कुर्रे (फाट) न होने संबंधी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को उपजिलाधिकारी को कैंप कार्यालय में तलब कर लिया। उन्होंने लंबे समय बाद भी कुर्रे न होने पर गहरी नाराजगी जताई। आयुक्त ने एसडीएम को लंबित कुर्रों के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने और आदेश की अवहेलना होने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुक्त शनिवार को कैंप कार्यालय में जनसमस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान स्थानीय निवासी ईश्वरी दत्त ने शिकायत कर कहा कि वह चार भाई हैं। उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। नौ माह पहले उपजिलाधिकारी ने चारों भाइयों के हिस्से की भूमि के कुर्रे के आदेश जारी किए थे लेकिन कुर्रे आज तक नहीं हुए। आयुक्त ने कहा कि एसडीएम कोर्ट से धारा 176 के तहत जमीन बंटवारे और कुर्रे के आदेश पारित होने के बावजूद, लेखपाल की ओर से कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने मंडल भर के अधिकारियों को लापरवाह लेखपालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम छिड़ा के लोगों ने वीरभट्टी-छिड़ा मार्ग बनवाने, हल्द्वानी निवासी विपिन चंद्र ने खतौनी में सुधार कराने, रामनगर निवासी नितिन ढोमणे ने धोखाधड़ी से खरीदी गई भूमि की रकम वापस दिलाने की मांग की। आयुक्त ने सभी नजूल भूमि पर सूचना पट्ट लगवाने के भी निर्देश दिए।
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सामान्य जाति के लोग नहीं खरीद सकते एससी-एसटी की भूमि
बैलपड़ाव निवासी उमा देवी ने आयुक्त को बताया कि उनके बेटों ने उनकी भूमि सामान्य जाति के व्यक्ति को बेच दी है। सामान्य जाति वाले व्यक्ति ने उस पर मकान बना दिया है। इस पर आयुक्त ने कहा कि सामान्य या अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी का व्यक्ति सीधे तौर पर एससी-एसटी की कृषि भूमि नहीं खरीद सकता। यह अवैध और दंडनीय अपराध है। कुछ विशेष परिस्थितियों में यदि कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति एससी-एसटी की भूमि खरीदना चाहता है, तो उसे संबंधित राजस्व नियमों के तहत जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है। बिना अनुमति के खरीदी गई भूमि की रजिस्ट्री अथवा इकरारनामा कभी भी रद्द घोषित हो सकता है।
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आयुक्त शनिवार को कैंप कार्यालय में जनसमस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान स्थानीय निवासी ईश्वरी दत्त ने शिकायत कर कहा कि वह चार भाई हैं। उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। नौ माह पहले उपजिलाधिकारी ने चारों भाइयों के हिस्से की भूमि के कुर्रे के आदेश जारी किए थे लेकिन कुर्रे आज तक नहीं हुए। आयुक्त ने कहा कि एसडीएम कोर्ट से धारा 176 के तहत जमीन बंटवारे और कुर्रे के आदेश पारित होने के बावजूद, लेखपाल की ओर से कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी जताई।
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उन्होंने मंडल भर के अधिकारियों को लापरवाह लेखपालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम छिड़ा के लोगों ने वीरभट्टी-छिड़ा मार्ग बनवाने, हल्द्वानी निवासी विपिन चंद्र ने खतौनी में सुधार कराने, रामनगर निवासी नितिन ढोमणे ने धोखाधड़ी से खरीदी गई भूमि की रकम वापस दिलाने की मांग की। आयुक्त ने सभी नजूल भूमि पर सूचना पट्ट लगवाने के भी निर्देश दिए।
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सामान्य जाति के लोग नहीं खरीद सकते एससी-एसटी की भूमि
बैलपड़ाव निवासी उमा देवी ने आयुक्त को बताया कि उनके बेटों ने उनकी भूमि सामान्य जाति के व्यक्ति को बेच दी है। सामान्य जाति वाले व्यक्ति ने उस पर मकान बना दिया है। इस पर आयुक्त ने कहा कि सामान्य या अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी का व्यक्ति सीधे तौर पर एससी-एसटी की कृषि भूमि नहीं खरीद सकता। यह अवैध और दंडनीय अपराध है। कुछ विशेष परिस्थितियों में यदि कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति एससी-एसटी की भूमि खरीदना चाहता है, तो उसे संबंधित राजस्व नियमों के तहत जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है। बिना अनुमति के खरीदी गई भूमि की रजिस्ट्री अथवा इकरारनामा कभी भी रद्द घोषित हो सकता है।