Almora: मंत्री जी...दस साल बीत गए, अब भी जूनियर हाईस्कूल में चल रहा इंटर कॉलेज; छह कमरों में लग रही कक्षाएं
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना के पैतृक गांव सुनौली के इंटर कॉलेज को उच्चीकरण के 10 दस साल बीतने के बाद भी अपना भवन नसीब नहीं हो सका। जूनियर हाईस्कूल के भवन में इंटर कॉलेज की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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अल्मोड़ा में शिक्षा व्यवस्थाओं की बेहतरी के साथ विकास के दावे धरातल पर हवाई साबित हो रहे हैं। इसका उदाहरण पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना के पैतृक गांव सुनौली का इंटर कॉलेज है। इस इंटर कॉलेज को उच्चीकरण के 10 दस साल बीतने के बाद भी अपना भवन नसीब नहीं हो सका। जूनियर हाईस्कूल के भवन में इंटर कॉलेज की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। हाल यह है कि 11 कक्षाओं का संचालन सिर्फ छह कमरों में हो रहा है।
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. जीना ने बतौर जिला परिषद सदस्य पर्वतीय क्षेत्रों में कई विद्यालय स्थापित कराए मगर आज उनके पैतृक गांव सुनौली में संचालित इंटर कॉलेज की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सुनौली में वर्ष 2014 में जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण कर इसे इंटर कॉलेज की मान्यता प्रदान की गई। धीरे- धीरे 10 साल बीत गए पर इंटर काॅलेज का अपना भवन अब तक नहीं बन सका है। इंटर की कक्षाओं का संचालन जूनियर हाईस्कूल के भवन में हो रहा है। सिर्फ छह कक्षा कक्षों में छह से 12 वीं तक की 11 कक्षाओं का संचालन करना विद्यालय प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री के पैतृक गांव में इंटर कॉलेज का भवन न बनना शिक्षा विभाग और शासन-प्रशासन पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह है। इस विद्यालय में 120 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पर्याप्त जगह न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
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गणित विषय का नहीं मिल रहा ज्ञान
जीआईसी सुनौली में इंटर में गणित विषय स्वीकृत नहीं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को गणित की पढ़ाई करने के लिए छह से सात किमी दूर भकुना के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
इंटर कॉलेज सुनौली के भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति के बाद भी इसका निर्माण होना संभव है। गणित विषय के संचालन के लिए भी भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति का इंतजार है।
-अंबा दत्त बलोदी, सीईओ, अल्मोड़ा।