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Nainital News: हाईकोर्ट का लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
Thu, 13 Aug 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:25 AM IST
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उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित प्री-मीटिंग में निर्देश देते न्यायमूर्ति। स्रोत: सूचना विभाग
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस प्री-मीटिंग में विशेष रूप से मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) मामलों के शीघ्र निस्तारण पर चर्चा हुई। इसका लक्ष्य वादकारियों को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाना है।
बैठक की अध्यक्षता न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने की। इसमें विभिन्न बीमा कंपनियों के राज्य प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एमएसीटी मामलों को आपसी समझौते से निपटाने और त्वरित मुआवजा देने पर चर्चा हुई।
समिति की सचिव नेहा कुशवाहा ने वादकारियों से अपील की। उन्होंने उच्च न्यायालय में लंबित ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा जिनमें समझौता संभव है। इनमें दीवानी, शमनीय आपराधिक, पारिवारिक, वैवाहिक, श्रम, रोजगार और बैंक रिकवरी से जुड़े मामले शामिल हैं। वादकारियों से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सहमति से मामलों का निस्तारण कराने का आग्रह किया गया।
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समझौतायोग्य मामलों के निस्तारण के निर्देश
न्यायमूर्तियों ने लोक अदालत में एमएसीटी सहित अन्य समझौतायोग्य मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने लंबित मामलों की पहचान कर समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। न्यायमूर्तियों ने बीमा कंपनियों को वादकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।
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बैठक की अध्यक्षता न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने की। इसमें विभिन्न बीमा कंपनियों के राज्य प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एमएसीटी मामलों को आपसी समझौते से निपटाने और त्वरित मुआवजा देने पर चर्चा हुई।
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समिति की सचिव नेहा कुशवाहा ने वादकारियों से अपील की। उन्होंने उच्च न्यायालय में लंबित ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा जिनमें समझौता संभव है। इनमें दीवानी, शमनीय आपराधिक, पारिवारिक, वैवाहिक, श्रम, रोजगार और बैंक रिकवरी से जुड़े मामले शामिल हैं। वादकारियों से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सहमति से मामलों का निस्तारण कराने का आग्रह किया गया।
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समझौतायोग्य मामलों के निस्तारण के निर्देश
न्यायमूर्तियों ने लोक अदालत में एमएसीटी सहित अन्य समझौतायोग्य मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने लंबित मामलों की पहचान कर समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। न्यायमूर्तियों ने बीमा कंपनियों को वादकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।