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आयुक्त और सचिव के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
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नैनीताल डांठ के समीप जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ धरना देता रविंद्र कुमार साहनी।
- फोटो : NAINITAL
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नैनीताल। भवाली निवासी एक बुजुर्ग ने मंगलवार को तल्लीताल में गांधी मूर्ति के समीप प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण ने बगैर जांच पड़ताल के एक बिल्डर को उनकी भूमि पर मकान बनाने की स्वीकृति दी है। बुजुर्ग का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
धरने पर बैठे भवाली स्थित नैनीबैंड निवासी रविंद्र कुमार साहनी ने बताया कि वर्ष 2019 में प्राधिकरण ने उनकी निजी भूमि पर एक बिल्डर का भवन मानचित्र स्वीकृत कर दिया। अगस्त 2021 में जब बिल्डर ने उनकी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया तब उन्होंने इसका विरोध किया और न्यायालय में वाद भी दायर किया। साहनी ने बताया कि न्यायालय ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश दिए, लेकिन बिल्डर ने इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका।
साहनी का कहना है कि बार बार शिकायत करने के बाद भी जब प्राधिकरण ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भी धरना दिया था। तब प्राधिकरण सचिव पंकज उपाध्याय ने राजस्व अधिकारियों को को तीन दिन के भीतर मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। तीन हफ्ते बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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मामले की शिकायत कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से की। आयुक्त ने भी राजस्व अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। एक महीने बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनके साथ न्याय नहीं होता तब तक वह अपनी मांग को लेकर इसी तरह धरना देते रहेंगे।
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धरने पर बैठे भवाली स्थित नैनीबैंड निवासी रविंद्र कुमार साहनी ने बताया कि वर्ष 2019 में प्राधिकरण ने उनकी निजी भूमि पर एक बिल्डर का भवन मानचित्र स्वीकृत कर दिया। अगस्त 2021 में जब बिल्डर ने उनकी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया तब उन्होंने इसका विरोध किया और न्यायालय में वाद भी दायर किया। साहनी ने बताया कि न्यायालय ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश दिए, लेकिन बिल्डर ने इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका।
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साहनी का कहना है कि बार बार शिकायत करने के बाद भी जब प्राधिकरण ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भी धरना दिया था। तब प्राधिकरण सचिव पंकज उपाध्याय ने राजस्व अधिकारियों को को तीन दिन के भीतर मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। तीन हफ्ते बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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मामले की शिकायत कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से की। आयुक्त ने भी राजस्व अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। एक महीने बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनके साथ न्याय नहीं होता तब तक वह अपनी मांग को लेकर इसी तरह धरना देते रहेंगे।