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खौफनाक मौत: आंखों में कीड़े...पूरे शरीर पर मिले चोट के निशान, डिक्री देवी के साथ मौत के बाद भी नहीं हुआ इंसाफ

Mon, 24 Aug 2026 06:11 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: Heera Updated Mon, 24 Aug 2026 06:11 AM IST
सार

ओखलकांडा ब्लॉक के तल्ला ओखलकांडा में शुक्रवार देर रात पति-पत्नी के बीच हुई कहासुनी के बाद गुस्साए पति ने लाठी से पीटकर पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी पति अपने बच्चों को धमकाकर मौके से भाग निकला। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है।

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Injuries were found all over Dikri Devi body
ओखलकांडा तल्ला में महिला की हत्या के बाद जांच करती पुलिस और घटना स्थल पर फैले गद्दे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डिक्री देवी की मौत ने जहां घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर सामने रखी, वहीं मौत के बाद शव की स्थिति ने व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। मृतका के शरीर पर जगह-जगह चोटों के निशान मिले जबकि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर उसकी आंखों में कीड़े पड़े होने की बात सामने आई। परिजनों ने पति पर बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने और पुलिस पर शव को मोर्चरी पहुंचाने में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए देरी की वजह फॉरेंसिक जांच और रास्ता बंद होने को बताया है।

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जिस घर को डिक्री देवी ने अपना संसार समझा था, उसी घर में 21 अगस्त की रात उसकी जिंदगी की आखिरी रात बन गई। हल्द्वानी निवासी तारा सिंह मेहर ने बताया कि उनकी भतीजी डिक्री देवी 21 अगस्त की रात अपनी बहन मुन्नी से फोन पर बात कर रही थी। बातचीत के बीच अचानक फोन कट गया। मुन्नी ने दोबारा फोन मिलाया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। परिजनों के अनुसार, इसी दौरान डिक्री के पति ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि लाठियों से उसे इतनी बेरहमी से पीटा गया कि शरीर का शायद ही कोई हिस्सा चोट से बचा हो। तड़के तीन बजे तक की गई पिटाई के बाद डिक्री की सांसें थम गईं।

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मौत के बाद भी सम्मान के लिए तरसती रही देह
डिक्री के भाई ईश्वर सिंह मेहर ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शव को कब्जे में लेने के बाद परिवार के लोगों को उसके पास तक नहीं जाने दिया गया। शव को मोर्चरी ले जाने की व्यवस्था को लेकर भी परिवार से ही इंतजाम करने की बात कही जाती रही। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की ओर से हुई करीब 22 घंटे की देरी ने उनके जख्मों को और गहरा कर दिया। उनका कहना है कि एक आपराधिक घटना में मृतका के शव को सुरक्षित तरीके से मोर्चरी पहुंचाना और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराना पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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बिना कपड़ों के सिर्फ कंबल में लिपटा था शव
मामले की सबसे विचलित करने वाली तस्वीर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने के बाद सामने आई। पोस्टमार्टम हाउस प्रभारी और फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह के मुताबिक, शव बिना कपड़ों के सिर्फ एक कंबल में लिपटा हुआ था। शव पानी से भीगा हुआ था और दोनों आंखों में कीड़े पड़ चुके थे। डॉ. सिंह के अनुसार, शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था जहां चोट के निशान न हों। उनका कहना है कि शव को कब्जे में लेने के बाद तत्काल मोर्चरी पहुंचाकर डीप फ्रीजर में रखा जाना चाहिए था ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।

 

 

पंचनामा और दस्तावेज पर भी सवाल
फोरेंसिक विशेषज्ञ ने पंचनामा प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे दस्तावेज पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक दस्तावेज अधूरे थे। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद चिकित्सक को मौके पर बुलाकर मौत की पुष्टि कराई गई जबकि शव को स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल लाकर चिकित्सकीय उपकरणों की मदद से जांच करना उचित प्रक्रिया है। नियमानुसार मौके पर पहुंचने वाले पुलिस अधिकारी को पोस्टमार्टम के दौरान उपस्थित होना चाहिए था। अधिकारी को कई बार बुलाए जाने के बावजूद उनके नहीं पहुंचने की बात भी सामने आई है।
 

महिला के शरीर पर कपड़े नहीं थे इसलिए कंबल डाला गया था। देर रात की वजह से कोई वाहन नहीं मिला और सुबह तड़के ही खनस्यू थाने से वाहन की व्यवस्था करा दी गई थी। घटनास्थल की बिना फॉरेंसिक जांच के शव को हटाना गलत था इसलिए चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम भी हल्द्वानी से बुलाई गई जिसे पहुंचने में भी समय लगा। काठगोदाम में पेड़ गिरने की वजह से रास्ता बंद था इसलिए शव देरी से मोर्चरी पहुंचा। पुलिस पर लगे आरोप निराधार हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा। रविकांत सेमवाल, सीओ भवाली

मां के उठने का इंतजार करते रहे मासूम

पति- पत्नी के बीच मामूली बात को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ जाएगा, किसी को अंदाजा तक नहीं था। घटना के अगले दिन शनिवार की सुबह चार मासूमों ने सोचा कि उनकी मां डिक्री देवी सोई हुई है। इसके चलते उन्होंने नहीं उठाया। दोपहर बाद भी जब डिक्री देवी के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो बच्चे रोने लगे। ग्रामीणों को जब भीम सिंह और डिक्री देवी नहीं दिखाई दिए तो पड़ोसियों ने उनके बड़े बेटे से जानकारी ली। बेटे से घटना बताई तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कमरे में पड़ी डिक्री देवी को देख सहम गए। लोगों ने घटना की सूचना शनिवार शाम पांच बजे खनस्यूं पुलिस को दी।
 

नशे में पत्नी के साथ करता था मारपीट
तल्ला ओखलकांडा के पूर्व ग्राम प्रधान कमलेश बोहरा ने बताया कि आरोपी भीम सिंह पूर्व में भी अपनी पत्नी के साथ नशे में मारपीट करता था। इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार उसको समझाया था और उसने लिखित रूप से माफीनामा भी दिया गया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी वह नहीं संभला और उसने शुक्रवार की रात अपनी पत्नी के साथ झगड़ा कर उसे लाठी डंडे से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने कहा कि कहा कि मासूमों के पालन-पोषण के साथ उनकी शिक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
 

बकरी पालन और मजदूरी करता था आरोपी
आरोपी भीम सिंह गांव में रहकर ही बकरी पालन और मजदूरी कर खर्चा चलाता था। ग्रामीणों के अनुसार भीम सिंह शराब का आदी था और शराब पीकर ही उसका पत्नी के साथ झगड़ा होता रहता था। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है।

क्या है पूरा मामला
ओखलकांडा ब्लॉक के तल्ला ओखलकांडा में शुक्रवार देर रात पति-पत्नी के बीच हुई कहासुनी के बाद गुस्साए पति ने लाठी से पीटकर पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी पति अपने बच्चों को धमकाकर मौके से भाग निकला। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। घटना की सूचना खनस्यूं पुलिस को शनिवार शाम पांच बजे मिली। सूचना के बाद भीमताल सीओ फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।


 

सीओ रविकांत सेमवाल ने बताया कि शनिवार शाम 5.30 बजे खनस्यूं पुलिस को सूचना मिली थी की ओखलकांडा निवासी भीम सिंह पुत्र नारायण सिंह ने अपनी पत्नी डिक्री देवी (28) की हत्या कर दी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो डिक्री देवी का शव घर के अंदर पड़ा था। सीओ के अनुसार मृतका के दस साल के बेटे ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की रात पापा और मम्मी के बीच कहासुनी हुई थी। बताया कि शनिवार की सुबह आरोपी उसे धमकाकर और घटना की जानकारी किसी को न देने की बात कहकर भाग गया।

 

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