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थाने के पास प्रापर्टी डीलर पर तड़तड़ाईं गोलियां 

Tue, 04 Jul 2017 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 04 Jul 2017 01:43 AM IST
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Threshing bullets on property dealer near police station
थाने के पास प्रापर्टी डीलर पर तड़तड़ाई गोलियां  - फोटो : अमर उजाला

बनभूलपुरा थाने के पास दुकान में बैठे प्रापर्टी डीलर और उसके पार्टनर को लक्ष्य कर बदमाशों ने सोमवार शाम ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। प्रापर्टी डीलर ने थाने में घुसकर जान बचाई मगर गोली उसके पार्टनर के सिर को स्पर्श करती हुई निकल गई।

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वारदात के बाद हमलावर अपनी कार छोड़कर पैदल भाग निकले। पुलिस ने मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। हमले में एक गैंगेस्टर सहित चार लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि गैंगेस्टर प्रापर्टी डीलर से गुंडा टैक्स वसूलना चाहता था। 
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लाइन नंबर 12 निवासी प्रापर्टी डीलर राजा सैफी (30) अपने पार्टनर आदिल (32) सोमवार की रात थाने के पास एक दुकान के अंदर बैठे थे। आरोप है कि  इसी समय क्षेत्र का गैंगेस्टर अफसर उर्फ मल्लू अपने तीन अन्य साथियों के साथ दुकान में घुस गया।
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उसने पिस्टल और तमंचा निकाल लिया। प्रापर्टी डीलर भागने लगे। इस बीच हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। राजा सैफी कूदकर भाग निकले और वह थाने में घुसकर जान बचाई। गोली आदिल के सिर को स्पर्श करती हुई निकली गई।

थाने की पुलिस के मौके पर पहुंचने की भनक लगते ही हमलावर कार छोड़कर पैदल गलियों से भाग गए। पुलिस ने मौके से एक कारतूस का खोखा बरामद किया। अंधेरे में अन्य खोखे नहीं मिल सके। राजा का कहना है कि घटना के समय बदमाशों ने चार-पांच गोलियां चलाई थी।

इस मामले में राजा सैफी ने थाने में अफसर उर्फ मल्लू, बब्लू, गौजाजाली निवासी राजा पुत्र तौकीर और राठी गैंग के एक अज्ञात सदस्य के खिलाफ तहरीर दी है। बताया गया कि घटना के समय मल्लू के पास पिस्टल और बब्लू के पास 12 बोर का तमंचा दिखाई दिया था। फरार मल्लू के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। 

कार से पर्स और मोबाइल बरामद

पुलिस ने बदमाशों की कार से गैंगेस्टर मल्लू की दो मोबाइल और पर्स बरामद किया है। पुलिस मोबाइल के आधार पर काफी जानकारियां हासिल करेगी। पुलिस कार का भी विवरण मंगाएगी और पता करेगी कि कार चोरी की तो नहीं है।

थानाध्यक्ष काठगोदाम को बुलाया गया 

सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने गोलीकांड के बाद बनभूलपुरा थानाध्यक्ष के अवकाश पर होने के कारण  काठगोदाम थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी को बुलाया है। नीरज भाकुनी ने मौके का मुआयना करने के बाद हमलावरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।


सफेदपोशों के विरोध के चलते गैंगेस्टर की नहीं खुली हिस्ट्रीशीट

बनभूलपुरा पुलिस फायरिंग के प्रमुख सूत्रधार गैंगेस्टर अफसर उर्फ मल्लू का हिस्ट्रीशीट खोलना चाहती थी लेकिन सफेदपोशों के विरोध के चलते तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी का तबादला हो गया और फाइल धरी की धरी रह गई।

गोलीकांड के बाद प्रापर्टी डीलर राजा सैफी के पिता मुनीर ने बनभूलपुरा पुलिस के सामने आरोप लगाया कि बदमाशों का मनोबल काफी बढ़ गया है। इस बीच थाने के दरोगाओं ने ऐसा जवाब दिया कि लोगों की बोतली बंद हो गई। पुलिसकर्मियों ने कहा कि चुनाव के दौरान पुलिस ने गैंगेस्टर अफसर उर्फ मल्लू पर कार्रवाई करना शुरू किया तो लोग विरोध करने के लिए थाने पर प्रदर्शन करने लगे।

एकपक्षीय होने का पुलिस पर आरोप लगाने लगे। आरोप प्रत्यारोप के चलते एसएसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष को हटा दिया। यदि गैंगेस्टर को सफेदपोश हीरो नहीं बनाते को उसका मनोबल नहीं बढ़ सकता था। सफेदपोशों का सहयोग मिलने के कारण ही गैंगेस्टर सहित काफी लोग चुनाव में भाग लेने लगे और पुलिस देखती रह गई।

रिकार्ड के मुताबिक गैंगेस्टर के खिलाफ 2008 में पार्षद यासीन फिरोज की हत्या करने, कांग्रेस नेता इस्लाम मिकरानी के भाई उस्मान मिकरानी की हत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को अभियुक्त बनाया था। 

हनक जमाने के लिए चलाई गोलियां

पुलिस के अनुसार राजा सैफी, आदिल और अफसर उर्फ मल्लू एक साथ प्रापर्टी का काम करते थे। उस्मान की हत्या की कोशिश के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने राजा के पिता को बुलाकर समझाया कि वह अपने बेटे को गैंगेस्टर के साथ घूमने देगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

राजा सैफी ने बताया कि उसका मल्लू पर आठ लाख रुपये बकाया था लेकिन पुलिस की सलाह पर उसने मल्लू का साथ छोड़ दिया। पैसे भी नही मांगे। राजा ने थाने के बगल में एक अलग कांप्लैक्स तैयार कराया। इसमें कई दुकानें भी हैं। कांप्लेक्स बनने पर मल्लू अपने पूर्व साथी राजा और आदिल से चिढ़ने लगा।


अंदर की बात है कि मल्लू ने राजा से रंगदारी के रुप में पैसे की मांग की, लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। शायद इसी कारण वर्चस्व स्थापित करने के लिए गैंगेस्टर ने गोलियां चलाई। उसका मकसद राजा की हत्या से ज्यादा क्षेत्र में दहशत और वर्चस्व कायम करना था। ताकि उसके नाम से लोग डरते रहे।  

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