{"_id":"5cb63ad5bdec2214516f6404","slug":"death-of-a-year-from-diarrhea","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया से एक साल की मासूम की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डायरिया से एक साल की मासूम की मौत
Wed, 17 Apr 2019 01:58 AM IST
naveen chandra joshi
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: naveen chandra joshi
Updated Wed, 17 Apr 2019 01:58 AM IST
विज्ञापन
दुर्गा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम के बदले मिजाज के साथ फैल रही बीमारियों जानलेवा साबित हो रही है। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में मंगलवार को डायरिया से एक साल की बच्ची की जान चली गई। डायरिया से कुमाऊं में इस साल की यह पहली मौत है।
विज्ञापन
इंदिरा नगर निवासी ओम प्रकाश साहू की एक साल की बेटी दुर्गा को बुखार, उल्टी और दस्त आ रहे थे। साहू सब्जी का ठेला लगाते हैं। उनका कहना था कि दो दिन से बच्ची तबियत खराब थी। उसका इलाज चल रहा था। मंगलवार को उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी और उसे सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल लेकर गए। एक घंटे के इलाज के बात उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
बेस अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज त्रिपाठी का कहना है कि बच्ची की तबियत 15 दिनों से खराब थी। किसी डाक्टर से ओपीडी में परिजन इलाज करा रहे थे। आज हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन अस्पताल लेकर आए थे। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बताया कि उल्टी, दस्त होने के कारण बच्ची को डीहाइड्रेशन हो गया था।
विज्ञापन
लालकुआं और रामनगर में हो चुकी है डायरिया से मौत
हल्द्वानी। लालकुआं और रामनगर में डायरिया से मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही। डायरिया तेजी से पांव पसार रहा है और प्रचार-प्रसार का कहीं पता नहीं है।
डायरिया से सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में आज एक वर्षीय बच्ची ने दम तोड़ दिया। वर्ष 2015 में रामनगर में और वर्ष 2016 में लालकुआं में डायरिया से एक-एक मौत हुई थी। डायरिया से मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी। डायरिया का प्रकोप तेजी से फैलने के बाद भी कहीं जनजागरूकता अभियान नहीं चल रहे हैं। शहर में डायरिया को लेकर कहीं भी पोस्टर, होर्डिंग या बैनर नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. भारती राणा का कहना है कि डायरिया को लेकर आशाएं और एएनएम लोगों को जागरूक करती हैं। जगह-जगह पोस्टर, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से जागरूक किया जाता है।
एक दर्जन से अधिक डायरिया पीड़ित बच्चे भर्ती
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में आज भी एक दर्जन से अधिक डायरिया पीड़ित बच्चों को भर्ती कराया गया। बेस अस्पताल में प्रतिदिन आठ से दस डायरिया पीड़ित मरीज आते हैं। डायरिया तेजी के साथ पांव पसार रहा है। बेस अस्पताल में आज देर शाम तक डायरिया पीड़ित 16 बच्चे भर्ती कराए गए। सिस्टर ने सोमवार को ही सीएमएस को लिखकर दे दिया था कि एक बेड पर एक ही मरीज रखेंगे। बाल रोग वार्ड 25 बेड हैं।
वर्ष डायरिया के केस
2019 5,047
2018 23,146
2017 37,035
2016 51,186
2015 31,155
2014 37,106
कैसे होता है डायरिया
उल्टी-दस्त लगातर होने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है और शरीर में पानी और नमक निकल जाता है। डायरिया में ज्यादा नमक और पानी निकलने के बाद सी ग्रेड का डीहाइड्रेशन होने पर मरीज की स्थिति ज्यादा नाजुक हो जाती है।
क्या न करें/क्या करें
= बासी भोजन न करें।
= खुले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
= खुले बिक रहे फलों का सेवन न करें।
= खुले हुए जूस आदि का सेवन न करें।
= पानी को उबालकर ही पीएं।
= उल्टी-दस्त होने पर नमक-चीनी का घोल अधिक से अधिक लें।
= डायरिया होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।