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अफसर अली बनकर जमानत लेने वाला नासिर निकला
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नैनीताल। अफसर अली बनकर हल्द्वानी के गैंगेस्टर नन्हे की जमानत लेने वाले बहरूपिये मोहम्मद नासिर को तल्लीताल पुलिस ने सोमवार को काशीपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हल्द्वानी के गैंगेस्टर नन्हे को छुड़ाने के लिए बीते वर्ष नन्हे के बेटे नाजिम ने कोर्ट में अफसर अली एवं सिकंदर कुमार नाम के दो जमानती दाखिल किए। कोर्ट ने जमानती दस्तावेज तहसील एवं थाने से प्रमाणित कराने के लिए दस्ती आरोपी के पैरोकार नाजिम को व्यक्तिगत रूप से दे दी। इस दौरान कोर्ट ने पैरोकार एवं दोनों जमानतियों से शपथ पत्र लिया कि सत्यापन में अगर कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। गवाहों ने इंस्पेक्टर काशीपुर एवं तहसीलदार काशीपुर के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से दस्तावेजों को प्रमाणित कर कोर्ट में दाखिल कर दिया। शक होने पर कोर्ट ने अपने स्तर से दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि दोनों आरोपियों का नाम एवं पते फर्जी हैं। काशीपुर में न तो अफसर अली रहता है और न सिकंदर कुमार ही। इस पर कोर्ट की ओर से थाना तल्लीताल में दोनों फर्जी जमानतियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया गया। केस की विवेचना एसआई मनोज सिंह नयाल को मिली। कई महीनों तक चली तफ्तीश के बाद विवेचक मनोज सिंह नयाल यह पता लगाने में सफल हो गए कि अफसर अली बना बहरूपिया वास्तव में ऊधम सिंह नगर के काशीपुर का निवासी मोहम्मद नासिर है। आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाने के बाद विवेचक ने सोमवार को आरोपी को काशीपुर में बैलजूड़ी की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि सिकंदर कुमार बना जालसाज अभी फरार है। एसओ तल्लीताल राहुल राठी ने बताया कि सिकंदर का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
अफसर अली बनकर जमानत लेने वाला नासिर निकला
पुलिस ने काशीपुर से पकड़ा, न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
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हल्द्वानी के गैंगेस्टर नन्हे को छुड़ाने के लिए बीते वर्ष नन्हे के बेटे नाजिम ने कोर्ट में अफसर अली एवं सिकंदर कुमार नाम के दो जमानती दाखिल किए। कोर्ट ने जमानती दस्तावेज तहसील एवं थाने से प्रमाणित कराने के लिए दस्ती आरोपी के पैरोकार नाजिम को व्यक्तिगत रूप से दे दी। इस दौरान कोर्ट ने पैरोकार एवं दोनों जमानतियों से शपथ पत्र लिया कि सत्यापन में अगर कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। गवाहों ने इंस्पेक्टर काशीपुर एवं तहसीलदार काशीपुर के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से दस्तावेजों को प्रमाणित कर कोर्ट में दाखिल कर दिया। शक होने पर कोर्ट ने अपने स्तर से दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि दोनों आरोपियों का नाम एवं पते फर्जी हैं। काशीपुर में न तो अफसर अली रहता है और न सिकंदर कुमार ही। इस पर कोर्ट की ओर से थाना तल्लीताल में दोनों फर्जी जमानतियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया गया। केस की विवेचना एसआई मनोज सिंह नयाल को मिली। कई महीनों तक चली तफ्तीश के बाद विवेचक मनोज सिंह नयाल यह पता लगाने में सफल हो गए कि अफसर अली बना बहरूपिया वास्तव में ऊधम सिंह नगर के काशीपुर का निवासी मोहम्मद नासिर है। आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाने के बाद विवेचक ने सोमवार को आरोपी को काशीपुर में बैलजूड़ी की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि सिकंदर कुमार बना जालसाज अभी फरार है। एसओ तल्लीताल राहुल राठी ने बताया कि सिकंदर का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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पुलिस ने काशीपुर से पकड़ा, न्यायिक हिरासत में जेल भेजा