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बसानी नाले में जीजा और साले बह गए
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:47 AM IST
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हल्द्वानी। बसानी के समीप बृहस्पतिवार रात भाखड़ा नदी पार करते समय बाइक सवार जीजा-साले बह गए। सुबह ग्रामीणों के साथ मुखानी पुलिस ने एक किलोमीटर दूरी पर जीजा और आठ किलोमीटर दूरी पर साले का शव बरामद किया। पुलिस को बाइक और बैग घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूरी पर मिला। अचानक पहाड़ से आए पानी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
बसानी निवासी दीप चंद्र उर्फ दीपू (25) और डहरिया निवासी उसका साला अमित कुमार (20) तिकोनिया स्थित एक मोबाइल कंपनी में कार्यरत थे। रोज की तरह दोनों बृहस्पतिवार रात दस बजे एक ही बाइक से बसानी गांव जा रहे थे। दोनों को पता नहीं था कि पहाड़ से नदी में काफी पानी आ गया है। गांव के समीप भाखड़ा नदी पार करते समय बाइक पानी के तेज बहाव में ठहर नहीं सकी। दोनों जीजा और साले नदी में बह गए। देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग परेशान हो गए। दोनों का मोबाइल भी काम नहीं कर रहा था। घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर बाइक मिलने पर परिजनों को शक हो गया कि दोनों पानी में बह गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर मुखानी पुलिस ने दोनों को ढूंढना शुरू किया। ग्रामीणों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से एक किलोमीटर दूरी पर दीपचंद्र का शव बरामद किया। दीपचंद्र को शरीर पर खरोंच लगी थी। करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर साले अमित कुमार का शव मिला। शव देखते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने बाइक के साथ बैग बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
सुबह साढ़े तीन किमी पर जीजा और आठ किमी दूरी पर साले का शव मिला
एक किमी दूरी पर बाइक और बैग हुआ बरामद
दीपू की डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपचंद्र की डेढ़ साल पहले डहरिया की रहने वाली सोनी से शादी हुई थी। सोनी को छह माह पहले एक बेटा पैदा हुआ है। दीपू के बडे़ भाई चंद्र प्रकाश आटो चलाते हैं। दो भाइयों में दीपू छोटा था। पिता सतीश चंद्र घर रहकर खेती का काम देखते हैं। अमित की अभी शादी नहीं हुई थी। वह दो भाई और एक बहन से छोटा था।
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सोनी ने पति के साथ भाई भी खोया
हल्द्वानी। अचानक हुई प्राकृतिक आपदा के चलते सोनी की मांग का सिंदूर उजड़ गया। हादसे में पति के साथ सोनी ने अपने छोटे भाई को खो दिया। मोर्चरी में शव आने के बाद माता-पिता के साथ सोनी को रोता देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
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बसानी निवासी दीप चंद्र उर्फ दीपू (25) और डहरिया निवासी उसका साला अमित कुमार (20) तिकोनिया स्थित एक मोबाइल कंपनी में कार्यरत थे। रोज की तरह दोनों बृहस्पतिवार रात दस बजे एक ही बाइक से बसानी गांव जा रहे थे। दोनों को पता नहीं था कि पहाड़ से नदी में काफी पानी आ गया है। गांव के समीप भाखड़ा नदी पार करते समय बाइक पानी के तेज बहाव में ठहर नहीं सकी। दोनों जीजा और साले नदी में बह गए। देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग परेशान हो गए। दोनों का मोबाइल भी काम नहीं कर रहा था। घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर बाइक मिलने पर परिजनों को शक हो गया कि दोनों पानी में बह गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर मुखानी पुलिस ने दोनों को ढूंढना शुरू किया। ग्रामीणों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से एक किलोमीटर दूरी पर दीपचंद्र का शव बरामद किया। दीपचंद्र को शरीर पर खरोंच लगी थी। करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर साले अमित कुमार का शव मिला। शव देखते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने बाइक के साथ बैग बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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सुबह साढ़े तीन किमी पर जीजा और आठ किमी दूरी पर साले का शव मिला
एक किमी दूरी पर बाइक और बैग हुआ बरामद
दीपू की डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपचंद्र की डेढ़ साल पहले डहरिया की रहने वाली सोनी से शादी हुई थी। सोनी को छह माह पहले एक बेटा पैदा हुआ है। दीपू के बडे़ भाई चंद्र प्रकाश आटो चलाते हैं। दो भाइयों में दीपू छोटा था। पिता सतीश चंद्र घर रहकर खेती का काम देखते हैं। अमित की अभी शादी नहीं हुई थी। वह दो भाई और एक बहन से छोटा था।
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सोनी ने पति के साथ भाई भी खोया
हल्द्वानी। अचानक हुई प्राकृतिक आपदा के चलते सोनी की मांग का सिंदूर उजड़ गया। हादसे में पति के साथ सोनी ने अपने छोटे भाई को खो दिया। मोर्चरी में शव आने के बाद माता-पिता के साथ सोनी को रोता देख लोगों की आंखें नम हो गईं।