{"_id":"5b8ee3de867a5548713b3335","slug":"15360910886-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैं नहीं मारता तो वो मुझे मार देता : बाऊ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मैं नहीं मारता तो वो मुझे मार देता : बाऊ
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
रामनगर में हत्याकांड का खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। छोई के बीडीसी मेंबर वीरेंद्र सिंह रावत बीरू हत्याकांड में पुलिस ने घटना के चौथे दिन मुख्य आरोपी बैलपड़ाव निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ बाऊ और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। बाऊ को हत्या का अफसोस नहीं है। उसका कहना है कि यदि बीरू को नहीं मारता तो वह उसकी हत्या करा देता। दो महीने पहले बीरू ने भी उसकी हत्या की साजिश रची थी मगर वह बालबाल बच गया था। घटना वाले दिन बीरू से हाथापाई होने पर उसने तमंचे से हत्या कर दी। इसके बाद वह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने चला गया था। वहां से घर लौटते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने मंगलवार को कोतवाली में इस हत्याकांड का खुलासा किया। बाऊ ने बताया कि बीरू ने हेमंत हत्याकांड में उसकी जमानत जरूर कराई लेकिन सुपारी के बकाया रुपये नहीं दिए। हर तारीख में उसका 22 हजार रुपये से अधिक का खर्चा आता था। तंगहाली के कारण घर वालों को प्लॉट तक बेचना पड़ा। बकाया मांगने पर बीरू जान से मारने की धमकी देने लगा तो वह बीडीसी मेंबर से रंजिश रखने लगा।
घटना वाले दिन बांसखेड़ा गांव काशीपुर आईटीआई निवासी बुआ का बेटा दर्शन सिंह और तल्ला बंदरजूड़ा निवासी चाचा का बेटा गुरुप्रीत सिंह गोपी उसके साथ थे। गैबुआ निवासी सोनू कांडपाल ने उसे बताया था कि बीरू तारीख पर अकेले आ रहा है। उसकी भी उसी दिन कोर्ट में तारीख थी लेकिन कोर्ट में जाने से पहले ही उसकी बीरू से कहासुनी हो गई तो वह कोर्ट में नहीं गया और बीरू के लौटने का इंतजार करने लगा। दोबारा कहासुनी की नौबत हाथापाई तक पहुंची। आत्मसम्मान पर बात आई तो उसने तमंचा निकालकर लोड किया। तमंचा देखते ही बीरू वहां से भागने लगा, तो उसने पीछे से गोली मार दी थी। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ कार से भाग निकला और पानी की टंकी के पास कार छोड़कर जंगल में चला गया था।
विज्ञापन
बाऊ ने बताया कि उसका हत्या का इरादा नहीं था। वहीं दर्शन सिंह और गुरुप्रीत सिंह ने बताया कि वह मारपीट करने आए थे लेकिन उन्हें पता नहीं था कि बाऊ बीरूकी हत्या कर देगा। बाऊ ने बताया कि हत्या के बाद वह हल्द्वानी से अमृतसर पंजाब गया। मन्नत पूरी होने पर उसने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका।
कहा, नहीं मारता तो बीरू उसे मार देता, पहले हाथापाई हुई, फिर चलाई गोली
हत्या करने के बाद अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका
बीरू हत्याकांड का खुलासा
संजय नेगी और हरीश फर्त्याल का कोई रोल नहीं
रामनगर (नैनीताल)। बाऊ ने बताया कि बीरू की हत्या में ग्राम छोई निवासी हरीश फर्त्याल और ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी का कोई रोल नहीं है। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि जांच में ब्लॉक प्रमुख के संबंध में साक्ष्य नहीं मिले है। फिर भी नामजद आरोपियों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अभी पुलिस किसी को भी क्लीन चिट नहीं दे रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
ऐसे हुई अभियुक्तों की गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली कि बाऊ अपने साथियों के साथ बैलपड़ाव स्थित अपने घर पर रुपये और सामान लेने आया है। सूचना मिलते ही कोतवाल विक्रम सिंह राठौर फोर्स लेकर गांव पहुंचे और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा भी बरामद किया है। कोतवाल ने बताया कि घटना के बाद कई मोबाइल नंबर ट्रैस किए गए। पीलीभीत यूपी निवासी एक रिश्तेदार की बाऊ से बात हुई तो उसका नंबर ट्रैस कर दबाव बनाने पर ही बाऊ को गिरफ्तार किया जा सका। तमंचा मिलने पर पुलिस ने बाऊ पर 26 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है।
बाऊ पर दर्ज हैं छह मुकदमे
वैसे तो बाऊ ने पिस्टल चुराकर अपराध की दुनिया में एंट्री की थी। उस पर पहला मुकदमा हेमंत फर्त्याल की हत्या का दर्ज हुआ। बाद में अवैध तमंचा रखने समेत 2017 में रामनगर थाने में ही धमकाने का भी मुकदमा दर्ज हुआ। 2017 में बाजपुर थाने में चोरी के प्रयास, अवैध तमंचा रखने मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद अब रामनगर थाने में बीडीसी मेंबर की हत्या का भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
हत्यारों का प्रोफाइल
1. देवेंद्र सिंह उर्फ बाऊ पुत्र सुरजीत सिंह निवासी बैलपड़ाव
शिक्षा - 10वीं
बैलपड़ाव में इलेक्ट्रिकल शॉप
2. दर्शन सिंह पुत्र दिलबाग सिंह निवासी अलीगंज रोड बांसखेड़ा काशीपुर
शिक्षा - 10वीं
पिता किसान हैं।
रिश्ता - बाऊ की बुआ का लड़का
3. गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मेजर सिंह निवासी बैलपड़ाव
शिक्षा - 12वीं
पिता किसान हैं।
रिश्ता - बाऊ के चाचा का लड़का
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
कोतवाल विक्रम सिंह राठौर, एसएसआई कश्मीर सिंह, चौकी प्रभारी पीरूमदारा विपिन चंद्र जोशी, चौकी प्रभारी बैलपड़ाव सुशील चंद्र जोशी, चौकी प्रभारी मालधनचौड़ मुनव्वर हुसैन, दरोगा कविंद्र शर्मा, एचसीपी नंदन सिंह नेगी, सिपाही संजय कुमार, एजाज अहमद, लक्खा सिंह समेत सर्विलांस टीम दरोगा दिनेश चंद्र पंत और उनकी टीम।
बाऊ को देखने को थाने में पहुंची भीड़
कोतवाली थाने में जिस समय बाऊ को मीडिया के समक्ष पेश किया। उस दौरान थाने में भीड़ आ गई। इससे पुलिस के हाथ पांव फूल गए और आरोपियों को थाने की हवालात में बंद करना पड़ा। सूत्रों की मानें तो भीड़ में मदनपुर बोरा छोई के लोग भी शामिल थे। पुलिस को पहले से ही इसका अंदेशा था।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को परिजनों का प्रदर्शन
बीडीसी मेंबर बीरू के परिजनों ने मंगलवार सुबह कोतवाली थाने का घेराव किया। उन्होंने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कोतवाल विक्रम सिंह राठौर ने परिजनों को बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद ही परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और सभी लौट गए।
सर्विलांस धोखा दे गया वर्ना उसी दिन पकड़ा जाता बाऊ
जितेंद्र पपनै
रामनगर (नैनीताल)। हत्या के बाद बाऊ अपने साथियों के साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व बिजरानी रेंज के जंगल में भाग गया था। भागते समय वे भटक गए और आगे चले गए। बरसाती नाला पार करते समय बाऊ बह गया था लेकिन साथियों ने उसे बचा लिया।
पानी कम होने पर नाला पार किया। फिर एक पहाड़ की चोटी पर जाकर बाऊ ने रात करीब आठ बजे अपने घर फोन किया। इसको ट्रैस किया गया तो इसकी लोकेशन ऊधमसिंह नगर के कुंडेश्वरी थाना क्षेत्र में पाई गई। इसके बाद पुलिस फोर्स रात 10:30 बजे जंगल छोड़ कुंडेश्वरी की ओर चल दी। कोतवाल राठौर ने बताया कि ऊंचे स्थानों से लोकेशन चेंज हो जाती है। अगर बाऊ की सही लोकेशन मिलती तो वह उसी दिन पकड़ा जाता। रात में शहर के आसपास की लाइट दिखने पर उन्हें रास्ते का ज्ञान हुआ तो वे जंगल से निकले।
विज्ञापन
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने मंगलवार को कोतवाली में इस हत्याकांड का खुलासा किया। बाऊ ने बताया कि बीरू ने हेमंत हत्याकांड में उसकी जमानत जरूर कराई लेकिन सुपारी के बकाया रुपये नहीं दिए। हर तारीख में उसका 22 हजार रुपये से अधिक का खर्चा आता था। तंगहाली के कारण घर वालों को प्लॉट तक बेचना पड़ा। बकाया मांगने पर बीरू जान से मारने की धमकी देने लगा तो वह बीडीसी मेंबर से रंजिश रखने लगा।
विज्ञापन
घटना वाले दिन बांसखेड़ा गांव काशीपुर आईटीआई निवासी बुआ का बेटा दर्शन सिंह और तल्ला बंदरजूड़ा निवासी चाचा का बेटा गुरुप्रीत सिंह गोपी उसके साथ थे। गैबुआ निवासी सोनू कांडपाल ने उसे बताया था कि बीरू तारीख पर अकेले आ रहा है। उसकी भी उसी दिन कोर्ट में तारीख थी लेकिन कोर्ट में जाने से पहले ही उसकी बीरू से कहासुनी हो गई तो वह कोर्ट में नहीं गया और बीरू के लौटने का इंतजार करने लगा। दोबारा कहासुनी की नौबत हाथापाई तक पहुंची। आत्मसम्मान पर बात आई तो उसने तमंचा निकालकर लोड किया। तमंचा देखते ही बीरू वहां से भागने लगा, तो उसने पीछे से गोली मार दी थी। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ कार से भाग निकला और पानी की टंकी के पास कार छोड़कर जंगल में चला गया था।
विज्ञापन
बाऊ ने बताया कि उसका हत्या का इरादा नहीं था। वहीं दर्शन सिंह और गुरुप्रीत सिंह ने बताया कि वह मारपीट करने आए थे लेकिन उन्हें पता नहीं था कि बाऊ बीरूकी हत्या कर देगा। बाऊ ने बताया कि हत्या के बाद वह हल्द्वानी से अमृतसर पंजाब गया। मन्नत पूरी होने पर उसने स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका।
कहा, नहीं मारता तो बीरू उसे मार देता, पहले हाथापाई हुई, फिर चलाई गोली
हत्या करने के बाद अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका
बीरू हत्याकांड का खुलासा
संजय नेगी और हरीश फर्त्याल का कोई रोल नहीं
रामनगर (नैनीताल)। बाऊ ने बताया कि बीरू की हत्या में ग्राम छोई निवासी हरीश फर्त्याल और ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी का कोई रोल नहीं है। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि जांच में ब्लॉक प्रमुख के संबंध में साक्ष्य नहीं मिले है। फिर भी नामजद आरोपियों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अभी पुलिस किसी को भी क्लीन चिट नहीं दे रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
ऐसे हुई अभियुक्तों की गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली कि बाऊ अपने साथियों के साथ बैलपड़ाव स्थित अपने घर पर रुपये और सामान लेने आया है। सूचना मिलते ही कोतवाल विक्रम सिंह राठौर फोर्स लेकर गांव पहुंचे और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा भी बरामद किया है। कोतवाल ने बताया कि घटना के बाद कई मोबाइल नंबर ट्रैस किए गए। पीलीभीत यूपी निवासी एक रिश्तेदार की बाऊ से बात हुई तो उसका नंबर ट्रैस कर दबाव बनाने पर ही बाऊ को गिरफ्तार किया जा सका। तमंचा मिलने पर पुलिस ने बाऊ पर 26 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है।
बाऊ पर दर्ज हैं छह मुकदमे
वैसे तो बाऊ ने पिस्टल चुराकर अपराध की दुनिया में एंट्री की थी। उस पर पहला मुकदमा हेमंत फर्त्याल की हत्या का दर्ज हुआ। बाद में अवैध तमंचा रखने समेत 2017 में रामनगर थाने में ही धमकाने का भी मुकदमा दर्ज हुआ। 2017 में बाजपुर थाने में चोरी के प्रयास, अवैध तमंचा रखने मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद अब रामनगर थाने में बीडीसी मेंबर की हत्या का भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
हत्यारों का प्रोफाइल
1. देवेंद्र सिंह उर्फ बाऊ पुत्र सुरजीत सिंह निवासी बैलपड़ाव
शिक्षा - 10वीं
बैलपड़ाव में इलेक्ट्रिकल शॉप
2. दर्शन सिंह पुत्र दिलबाग सिंह निवासी अलीगंज रोड बांसखेड़ा काशीपुर
शिक्षा - 10वीं
पिता किसान हैं।
रिश्ता - बाऊ की बुआ का लड़का
3. गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मेजर सिंह निवासी बैलपड़ाव
शिक्षा - 12वीं
पिता किसान हैं।
रिश्ता - बाऊ के चाचा का लड़का
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
कोतवाल विक्रम सिंह राठौर, एसएसआई कश्मीर सिंह, चौकी प्रभारी पीरूमदारा विपिन चंद्र जोशी, चौकी प्रभारी बैलपड़ाव सुशील चंद्र जोशी, चौकी प्रभारी मालधनचौड़ मुनव्वर हुसैन, दरोगा कविंद्र शर्मा, एचसीपी नंदन सिंह नेगी, सिपाही संजय कुमार, एजाज अहमद, लक्खा सिंह समेत सर्विलांस टीम दरोगा दिनेश चंद्र पंत और उनकी टीम।
बाऊ को देखने को थाने में पहुंची भीड़
कोतवाली थाने में जिस समय बाऊ को मीडिया के समक्ष पेश किया। उस दौरान थाने में भीड़ आ गई। इससे पुलिस के हाथ पांव फूल गए और आरोपियों को थाने की हवालात में बंद करना पड़ा। सूत्रों की मानें तो भीड़ में मदनपुर बोरा छोई के लोग भी शामिल थे। पुलिस को पहले से ही इसका अंदेशा था।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को परिजनों का प्रदर्शन
बीडीसी मेंबर बीरू के परिजनों ने मंगलवार सुबह कोतवाली थाने का घेराव किया। उन्होंने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कोतवाल विक्रम सिंह राठौर ने परिजनों को बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद ही परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और सभी लौट गए।
सर्विलांस धोखा दे गया वर्ना उसी दिन पकड़ा जाता बाऊ
जितेंद्र पपनै
रामनगर (नैनीताल)। हत्या के बाद बाऊ अपने साथियों के साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व बिजरानी रेंज के जंगल में भाग गया था। भागते समय वे भटक गए और आगे चले गए। बरसाती नाला पार करते समय बाऊ बह गया था लेकिन साथियों ने उसे बचा लिया।
पानी कम होने पर नाला पार किया। फिर एक पहाड़ की चोटी पर जाकर बाऊ ने रात करीब आठ बजे अपने घर फोन किया। इसको ट्रैस किया गया तो इसकी लोकेशन ऊधमसिंह नगर के कुंडेश्वरी थाना क्षेत्र में पाई गई। इसके बाद पुलिस फोर्स रात 10:30 बजे जंगल छोड़ कुंडेश्वरी की ओर चल दी। कोतवाल राठौर ने बताया कि ऊंचे स्थानों से लोकेशन चेंज हो जाती है। अगर बाऊ की सही लोकेशन मिलती तो वह उसी दिन पकड़ा जाता। रात में शहर के आसपास की लाइट दिखने पर उन्हें रास्ते का ज्ञान हुआ तो वे जंगल से निकले।