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राज्य सहकारी बैंक........
Updated Sun, 24 Sep 2017 02:35 AM IST
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हल्द्वानी। राज्य सहकारी बैंक में नौ लाख रुपये के आरटीजीएस मामले की गाज आखिरकार देवेंद्र दानू पर गिरी है। बैंक ने दानू को निलंबित करते हुए मामले की जांच शुरू की है। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि दानू से नौ लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है। बताया यह जा रहा है कि बैंक ने ये नौ लाख रुपये भी उस आदमी से वसूले हैं जिसको आरटीजीएस के जरिए पैसा भेजने की कोशिश की गई थी।
राज्य सहकारी बैंक में कुछ दिन पहले ही बैंक के खाते से नौ लाख रुपये निकालकर किसी मुकेश को आरटीजीएस करने का मामला सामने आया था। आरटीजीएस के जरिये पैसा भेजने की यह कोशिश तकनीकी कारण से सफल नहीं हो पाई और यह पैसा वापस आ गया था। बैंक में ही कार्यरत देवेंद्र दानू ने इस पैसे को अपने लोन अकाउंट में डाल दिया था। बाद में दानू पर इस पैसे की वापसी का दबाव डाला गया। दानू के जहर खा लेने पर यह मामला खुला।
शनिवार को बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत ने दावा किया कि दानू को निलंबित कर दिया गया है और उससे पैसा भी वसूल लिया गया है। बैंक के सूत्रों की मानें तो इस मामले में अभी पेच फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि नौ लाख रुपये भी उसी मुकेश से लिए गए हैं, जिसके नाम आरटीजीएस करने की कोशिश की गई थी। यह आरटीजीएस भी दानू ने ही मुकेश के नाम किया था और यह हस्तांतरण सफल नहीं हो पाया था। जिसको पैसे दिए ही नहीं गए, उससे पैसा वसूलने पर यह पूरा मामला संदेह के घेरे में आ रहा है। इस सवाल का जवाब भी सीधे तौर पर नहीं दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह जांच का मामला है। साफ है कि सुलझाने की कोशिश में यह मामला और उलझा दिया गया है। खासकर तब जब दानू के नाम ही बैंक में तीन-तीन अकाउंट हैं और इन खातों के जरिए वह लेनदेन पूर्व में भी करता रहा है।
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राज्य सहकारी बैंक के इस मामले में अभी कई सवालों के उत्तर मिलने बाकी
जिसको पैसे दिए ही नहीं, उससे वसूल करवा लिए गए हैं नौ लाख रुपये
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राज्य सहकारी बैंक में कुछ दिन पहले ही बैंक के खाते से नौ लाख रुपये निकालकर किसी मुकेश को आरटीजीएस करने का मामला सामने आया था। आरटीजीएस के जरिये पैसा भेजने की यह कोशिश तकनीकी कारण से सफल नहीं हो पाई और यह पैसा वापस आ गया था। बैंक में ही कार्यरत देवेंद्र दानू ने इस पैसे को अपने लोन अकाउंट में डाल दिया था। बाद में दानू पर इस पैसे की वापसी का दबाव डाला गया। दानू के जहर खा लेने पर यह मामला खुला।
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शनिवार को बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत ने दावा किया कि दानू को निलंबित कर दिया गया है और उससे पैसा भी वसूल लिया गया है। बैंक के सूत्रों की मानें तो इस मामले में अभी पेच फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि नौ लाख रुपये भी उसी मुकेश से लिए गए हैं, जिसके नाम आरटीजीएस करने की कोशिश की गई थी। यह आरटीजीएस भी दानू ने ही मुकेश के नाम किया था और यह हस्तांतरण सफल नहीं हो पाया था। जिसको पैसे दिए ही नहीं गए, उससे पैसा वसूलने पर यह पूरा मामला संदेह के घेरे में आ रहा है। इस सवाल का जवाब भी सीधे तौर पर नहीं दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह जांच का मामला है। साफ है कि सुलझाने की कोशिश में यह मामला और उलझा दिया गया है। खासकर तब जब दानू के नाम ही बैंक में तीन-तीन अकाउंट हैं और इन खातों के जरिए वह लेनदेन पूर्व में भी करता रहा है।
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राज्य सहकारी बैंक के इस मामले में अभी कई सवालों के उत्तर मिलने बाकी
जिसको पैसे दिए ही नहीं, उससे वसूल करवा लिए गए हैं नौ लाख रुपये